Family says he died of hunger, Govt says no, Family still dont have BPL card
KM bhai from Kanpur says Govt these days is giving riduculous figures of how much money is needed for survival. Amidst these debates a person has died in Kanpur of hunger but the Govt is saying he died because of drinking. The family does not have BPL card. Police has taken a thumb impression from family on blank paper. How cruel we can be to poor, he asks? For more KM bhai can be reached at 08756011826
Posted on: Aug 05, 2013. Tags: KM Yadav
इंसान और जीवन...एक कविता
आलीशान इमारतो और महलो के बीच पलता इंसान
महँगी और फर्राटेदार कारो के पीछे भागता इंसान
सुविधा और सोहरत के नाम पर ऐठता इंसान
दो जून की रोटी की आस में चाय की दुकानों पर सड़ता बचपन रुपी इंसान
भीख की आस में चौराहे पर चवन्नी की तरह नाचता इंसान
पेट की तड़प के वास्ते कूढ़े के ढेर में जीवन ढूँढता इंसान
अपने तन ढकने के वास्ते दूसरो का मल साफ़ करता इंसान
भूख मिटाने की आस में झूठे बर्तन साफ़ करता इंसान
इलाज की आस में अस्पतालों में दम तोड़ता इंसान
कुछ कमाने की आस में रिक्से पर बोझ ढोहता इंसान
कुछ पाने की आस में चोरी-डकैती करता इंसान
हवस मिटने की आस में मासूमो की इज्जत लूटता इंसान
अपना हक़ पाने की आस में अधिकारों की लड़ाई लड़ता इंसान
संबंधो की आस में अपमान और अत्याचार सहता इंसान
मोक्ष की आस में सन्यासी के रूप में जीवन जीता इंसान
नए जीवन की आस में चिता रुपी शय्या में सोता इंसान
हाय ये इंसान, हाय ये इंसान…
कैसा है ये इंसान कैसा है ये इंसान…
Posted on: Jul 21, 2013. Tags: KM Yadav
लेखन भी एक बला है !
हमारे वो कुछ शब्द उन्हें इतने नागवार गुजरे
कि उन्हें शब्दों से ही नफरत होने लगी
कहते है अक्षरों से शब्द बनते है और शब्दों से विचार
तो फिर विचारो को शब्दों की शक्ल देना गुनाह क्यों
हमारा इरादा तो सिर्फ बयां ए हकीकत था
पर न जाने क्यों उन्हें यह अफसाना पसंद न था
यह सच है हमारे खून का सम्बन्ध किसी महीम से नहीं
और हमारे पास किसी विलायती तालीम का तजुर्बा भी नहीं
पर हम भी चार पोथी का इल्म रखते है
शब्द और अक्षर के बीच का अर्थ समक्षते है
इस लोकतंत्र ने कल हमसे हमारा सपना छीना था
और आज यह हमसे हमारे शब्द भी छीन रहा है
कभी फुर्सत मिले तो अपने अक्श से बाहर भी देखिएगा
इन छोटे छोटे अक्षरों और शब्दों का भी अपना एक सम्मान होता है
Posted on: Jul 09, 2013. Tags: KM Yadav
यह तबाही कुछ कहती है...
सुन ए मानव
तूने नदियाँ बाँधी तूने काटे पेड़
तूने मिसाइल दागी तूने काटे पर्वत
तूने मिटटी खोदी तूने लूटे प्राकृतिक खाधान्न
तूने जानवर काटे तूने मारे पंक्षी
तूने परमाणु बम बनाया तूने किया विस्फोट
तूने जंगल काटे तूने किया धरती का विनाश
तूने मंगल खोजा तूने खोजा चाँद
तूने बना दिया इस धरती को हैवान
तूने मंदिर तोड़ा तूने तोड़ी मस्जिद
तूने तोड़ दिया सारा संसार
तूने तकनीकी बनायीं तूने आधुनिकता का किया व्यापार
तूने संस्कारों और रीति रिवाजो का किया सत्यानाश
तू है कसाई तू है विनाशी तू है हैवान
तू निर्दयी तू पापी तू है बईमान
तू अधर्मी तू कुकर्मी तू है अत्याचारी
सुन ए मानव
यह तबाही कुछ कहती है ....................
सुन ए मानव
यह तबाही कुछ कहती है ..........................
( हम सब उत्तराखंड में आई प्राकृतिक प्रलय के शांत होने की प्रार्थना करते है । )
के एम् भाई
cn.- 8756011826
Posted on: Jun 22, 2013. Tags: KM Yadav
आओ एक ऐसे समाज की कल्पना करे...
जहाँ न कोई दर्द हो न कोई घुटन
जहाँ न कोई उदास हो और न कोई दुखी
जहाँ न कोई बेबस हो और न कोई बेचारा
जहाँ न कोई दुखी हो और न कोई परेसान
जहाँ न कोई हिंसा हो और न कोई शोषण
जहाँ न कोई सहमा हो न कोई डरा
जहाँ न कोई बंदिश हो और न कोई रोक
जहाँ न कोई सरहदे हो और न कोई सीमा
जहाँ न कोई दरवाजा हो और न कोई दीवार
जहाँ न कोई बंटवारा हो और न कोई परिवार बिखरे
जहाँ न कोई पिंजरा और न कोई जेल
जहां न कोई गरीब हो न कोई अमीर
जहाँ न कोई बीमार हो और न कोई भूखा
जहाँ न कोई ऊचां हो और न कोई नीचा
जहाँ न कोई असमानता हो और न कोई गैर बराबरी
जहाँ न कोई धर्म हो और न कोई जाति
जहाँ न कोई भेद भाव हो और न कोई मन मुटाव
जहाँ न कोई अपराध हो न कोई जुर्म
जहाँ न कोई पराया हो और न कोई दुश्मन
जहाँ न कोई चोर हो और न कोई अपराधी
जहाँ न कोई किसी को सताए और न कोई किसी को रुलाये
जहाँ न कोई किसी से घ्रणा करे न कोई किसी से नफरत
जहाँ सिर्फ प्रेम और ख़ुशी का माहौल हो
जहाँ सिर्फ इंसानियत और मानवता हो
जहाँ हम भी खुश रहे और तुमभी खुश रहो
आओ एक ऐसे समाज की कल्पना करे
जहाँ सब खुश रहे ...
खुश रहे, खुश रहे, खुश रहे ...
