सीजीनेट में रिकार्ड करने के बाद अधिकारी आये, दो दिन बिजली आई उसके बाद फिर अन्धेरा...
ग्राम-भाल्लिनदादर, बाहपानी, पंचायत-कांदावानी, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से ग्रामीण बता रहे हैं करीब ढाई साल से हमारे गाँव में बिजली लगी लेकिन महीना भर भी लाईट नही जला, उन्होंने इस समस्या को सीजीनेट में रिकार्ड किया जिसके बाद कर्मचारी आये दो दिन लाईट जली उसके बाद फिर वही इसलिए ये सीजीनेट के सांथियो से अपील कर रहे हैं कि दिए गए नंबरो पर अधिकारियों से बात कर निवेदन करें: AE@9407703899, JE@9425241671, 8435500266, CEO@9669625077, SDM@7587202092,
उदय मानिकपुरी@9407958035.
Posted on: May 03, 2018. Tags: SONG UDAY MANIKPURI VICTIMS REGISTER
दादी अम्मा, दादी अम्मा, हमको ये बताना...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियार एक कविता सुना रहे है:
दादी अम्मा, दादी अम्मा, हमको ये बताओ ना-
दादा तुमको कैसे पटाया, हमको वो बतलाओं ना-
दादी बोली चल नटखट, हमको तुम सताओ ना-
दादा तुम्हारा लट्टू था हम पर, पट गया हमसे वो झटपट-
समझ गया मै तुम दोनों का, एक दूजे से करते थे बहुत प्यार-
झटपट दोनों की बात बन गई, न कर सके एक दूजे से इन्कार-
दादी बोली चुप शरारती, समझ गई तेरा लाड़ दुलार...
Posted on: May 03, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYAARI SONG VICTIMS REGISTER
देख मोर संगी रे, तोर बिन होवथो मै बेहाल...गीत
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं :
देख मोर संगी रे, तोर बिन होवथो मै बेहाल-
बासी ला खाथो आंगियासी लागे ओ-
तोर सुरता करत हो मै जोड़ी रोवासी लागे वो-
देख मोर संगी रे, तोर बिन होवथो मै बेहाल...
Posted on: May 03, 2018. Tags: MEWALAL DEWANGN SONG VICTIMS REGISTER
हर गली हर चौराहा ख़ुद से पूछता है, क्या तुम्हारे मुल्क में भी मजदूर बिकता है...कविता
जिला-कानपुर (उत्तरप्रदेश) से के.एम भाई मजदूर दिवस पर एक कविता सुना रहे है:
हर गली हर चौराहा ख़ुद से पूछता है-
क्या तुम्हारे मुल्क में भी मजदूर बिकता है-
तुम्हारे मुल्क में रोटी इतनी सस्ती क्यों,
कि थाली का जूठन हमारे पेट का निवाला बनता है-
साहब और मजदूर का भी ये कैसा अटूट रिश्ता है-
कि महलों के बीच हमारा बच्चा भूखा मरता है-
हर गली हर चौराहा ख़ुद से पूछता है...
Posted on: May 03, 2018. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER
ये तो सच है कि भगवान है, है मगर फिर भी अंजान है...गीत
ग्राम-कुप्पा, ब्लाक-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कस्तूरी और आरती एक गीत सुना रहे हैं :
ये तो सच है कि भगवान है, है मगर फिर भी अंजान है-
धरती पे रूप माँ-बाप का, उस विधाता की पहचान है-
जन्म देती है जो, माँ जिसे हम कहे-
लोरियां वो हमें सुनाती रहे-
ये तो सच है कि भगवान है, है मगर फिर भी अंजान है-
धरती पे रूप माँ-बाप का, उस विधाता की पहचान है...

