दादी अम्मा, दादी अम्मा, हमको ये बताना...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियार एक कविता सुना रहे है:
दादी अम्मा, दादी अम्मा, हमको ये बताओ ना-
दादा तुमको कैसे पटाया, हमको वो बतलाओं ना-
दादी बोली चल नटखट, हमको तुम सताओ ना-
दादा तुम्हारा लट्टू था हम पर, पट गया हमसे वो झटपट-
समझ गया मै तुम दोनों का, एक दूजे से करते थे बहुत प्यार-
झटपट दोनों की बात बन गई, न कर सके एक दूजे से इन्कार-
दादी बोली चुप शरारती, समझ गई तेरा लाड़ दुलार...
