ये तो सच है कि भगवान है, है मगर फिर भी अंजान है...गीत
ग्राम-कुप्पा, ब्लाक-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कस्तूरी और आरती एक गीत सुना रहे हैं :
ये तो सच है कि भगवान है, है मगर फिर भी अंजान है-
धरती पे रूप माँ-बाप का, उस विधाता की पहचान है-
जन्म देती है जो, माँ जिसे हम कहे-
लोरियां वो हमें सुनाती रहे-
ये तो सच है कि भगवान है, है मगर फिर भी अंजान है-
धरती पे रूप माँ-बाप का, उस विधाता की पहचान है...
