रुके नहीं पतवार मांझी ओ रुके नहीं पतवार....मांझी गीत

मालीघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
रुके नहीं पतवार मांझी ओ रुके नहीं पतवार-
बाढ़ भयंकर आई है घटा अभी भी छाई है-
तट पर भीड़ अपार रुके नहीं पतवार-
सब जाने अनजानों को अपने और विरानों को-
पहुंचा दो उस पार रुके नहीं पतवार-
तुममें साहस है बल है शक्ति प्राण का संबल है-
क्यों होगी फिर हार रुके नहीं पतवार-
साहस है बल है श्रम है हमको फिर किसका गम है-
पथ देगी खुद धार रुके नहीं पतवार.....

Posted on: Mar 31, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

चला मइया चला चाची हो जा तइयार हो....जागरूकता गीत

मालिघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव को ध्यान में रखते हुए मतदान से संबंधित एक जागरूकता गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
चला मइया चला चाची हो जा तइयार हो-
अबकी पंचायत के चुनाव बा तोहार हो-
लुच्चा लफंगा गुंडा मुखिया ना होई हो-
स्वच्छ प्रत्यासी चुना चाहे जो होई हो-
चला बहिनी चला भउजी घुंघटा उघार हो-
अबकी जे चुकबू दादी होके लाचार हो-
वृद्धा पेंसन मिली दादी सबके रोजगार हो-
लाल कार्ड पीला कार्ड होई तइयार हो-
चला मइया चला चाची हो जा तइयार हो-
अबकी पंचायत के चुनाव बा तोहार हो.....

Posted on: Mar 26, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

होली खेलें रघुबीरा जनकपुर होली खेलें रघुबीरा....होली गीत

मालीघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार एक होली गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
होली खेलें रघुबीरा जनकपुर होली खेलें रघुबीरा-
केकर हाथ कनक पिचकारी केकर हाथ अबीरा-
जनकपुर होली खेलें रघुबीरा-
राम के हाथ कनक पिचकारी सीता के हाथ अबीरा-
जनकपुर होली खेलें रघुबीरा-
केकर भीगे है लहंगा-चुनरी केकर भीगे शरीरा-
जनकपुर होली खेलें रघुबीरा-
सीताजी के भीगे लहंगा-चुनरी राम के भीगे शरीरा-
जनकपुर होली खेलें रघुबीरा......

Posted on: Mar 24, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

होली रंगमहल में खेलत अवधनरेश...होली गीत

मालीघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार होली गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
होली रंगमहल में खेलत अवधनरेश-
अतर गुलाल अबीर क जोड़ी-
लखन सहित जगदीश-
होली रंगमहल में खेलत अवधनरेश-
झांझ मृदंग पखावज बाजे-
डफली बांसुरी झमकारा-
होली रंगमहल में खेलत अवधनरेश...

Posted on: Mar 22, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

फागुन की आइल मस्त महीना खिल के भइल कचनार...फाग गीत

मालीघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार भोजपुरी में एक फागुन गीत प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसे होली के समय गाया जाता है:
फागुन की आइल मस्त महीना खिल के भइल कचनार-
भंवरा बनके आजा आजा रहिया जोही तोहार-
बलमुआ हो मोरे सजनवा हो कब ले करइबा इंतज़ार-
कोयली की तान बान इयरा में मारेला-
बनके बेदर्दी काहें जियरा तू जारेला-
पपिहा की पी पी से हुके मोरा मनवां-
हरिअर होइगा जवार रहिया जोही तोहार-
मोरे बलमुआ हो कब ले करइबा इंतज़ार...

Posted on: Mar 20, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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