रुके नहीं पतवार मांझी ओ रुके नहीं पतवार....मांझी गीत
मालीघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
रुके नहीं पतवार मांझी ओ रुके नहीं पतवार-
बाढ़ भयंकर आई है घटा अभी भी छाई है-
तट पर भीड़ अपार रुके नहीं पतवार-
सब जाने अनजानों को अपने और विरानों को-
पहुंचा दो उस पार रुके नहीं पतवार-
तुममें साहस है बल है शक्ति प्राण का संबल है-
क्यों होगी फिर हार रुके नहीं पतवार-
साहस है बल है श्रम है हमको फिर किसका गम है-
पथ देगी खुद धार रुके नहीं पतवार.....
