फागुन की आइल मस्त महीना खिल के भइल कचनार...फाग गीत
मालीघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार भोजपुरी में एक फागुन गीत प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसे होली के समय गाया जाता है:
फागुन की आइल मस्त महीना खिल के भइल कचनार-
भंवरा बनके आजा आजा रहिया जोही तोहार-
बलमुआ हो मोरे सजनवा हो कब ले करइबा इंतज़ार-
कोयली की तान बान इयरा में मारेला-
बनके बेदर्दी काहें जियरा तू जारेला-
पपिहा की पी पी से हुके मोरा मनवां-
हरिअर होइगा जवार रहिया जोही तोहार-
मोरे बलमुआ हो कब ले करइबा इंतज़ार...
