खूब नक़ल के करे प्रचार, दर मा लड़का चार हजार...नक़ल पर बघेली में हास्य कविता

ऋषभ मिश्र ग्राम-ओझापुरवा, जिला-रीवा, मध्यप्रदेश से परीक्षाओं में हो रही नक़ल पर एक बघेलखंडी बोली में एक हास्य कविता सुना रहे हैं:
खूब नक़ल के करे प्रचार-
दर मा लड़का चार हजार-
कहिन कि तुहका पास कराउब-
चाहे कउनऊ विधि अपनाउब-
इत्ते मा तू पास न होवे-
पुनः मूल्यांकन फॉर्म भराउब-
अगर चेकर जो आवे पईहें-
तुरतये फॉर्म भराईन लेइहैं-
सौ-सौ के नोट सबै का दीन्हे – भरके पेट नक़ल कई लीन्हें – कहीं कि नातिन भरी आई-
एक सरहज एक सारी आहिं – तुहो लिखें ददुआ का दीन्हें – पहिले सेट मिलाइन लीन्हें -2
अथवा वथवा सब कई आय-
खूब नक़ल के करे...
चपरासी से पानी मंगावे-
चपरासी चुटका धई लावे-
खूब नक़ल के करे...

Posted on: Dec 28, 2017. Tags: Rishabh Mishra

अब देश को बेटियां कितनी खटकती है...कविता

ऋषभ मिश्र ग्राम-ओझापुरवा, जिला-रीवा, मध्यप्रदेश से एक कविता सुना रहे हैं:
दृश्य ऐसा देखकर सांसे लटकती है-
फल नही अब पेड़ पर लाशें लटकती हैं-
वासना की ये सुनामी चीखकर कहती है-
सभ्यताएं रस्ते कैसे भटकती है-
मान-मर्यादा सुरक्षा प्यार सब गायब-
अब देश को बेटियां कितनी खटकती है-
चीख आंसू, जुल्म शोषण जातियां,ब्याह – आज आँगन में मटकती हैं-
आज तक पिघला नहीं है-
दिल दुआओं का चाहते-
चाहते कितना चरण सिर पटकती है-
सिर्फ आधी रात को माँ ही बताएगी-
बाप की ये हड्डियाँ कैसे चटकती हैं-
बादलों की आँख में जब शर्म दिखती है-
तब कहीं इस खेत में खुशियाँ फटकती हैं-
दौलत से सांस दंदे पेट भरती है-
गोलियां सल्फास की-
बहुएं गटकती हैं-
वक्त बदला है अभी तुम देखते जाओ-
दूर घड़ियाँ हाथ से क्या-क्या झटकती हैं...

Posted on: Dec 15, 2017. Tags: Rishabh Mishra

ओढ़ना लत्ता पहिन के चलेन बरात का काकू...बघेली हास्य कविता

ऋषभ मिश्रा ग्राम-ओझापुरवा, ब्लाक-जवा, तहसील-त्योथर, जिला-रीवा, मध्यप्रदेश से बघेलखंडी में एक हास्य कविता सुना रहे है:
ओढ़ना लत्ता पहिन के चलेन बरात का काकू-
अधबीचेन म टेक्टर फसगा बट गुठुआ भर काकू-
दुआर चार तक ठीके रहा भीड़ भड़क्का-
नहीं मेहररुन और बिटियन खाना त ठीकै रहा-
भये झिंगुरन के मशाला-
ओढ़ना लत्ता पहिन के चलेन बरात का काकू...

Posted on: Jun 15, 2017. Tags: Rishabh Mishra

पंख होते तो मैं उड़ जाता, नन्द बबा के द्वार...भक्ति गीत

ऋषभ मिश्र, ग्राम-ओझा पुरवा,ब्लॉक-जवा, तहसील-त्योंथर, जिला-रीवा, मध्यप्रदेश से एक कृष्ण भजन सुना रहे हैं :
पंख होते तो मैं उड़ जाता-
नन्द बबा के द्वार-
लाल मेरा रोवत होहिहे-
कि भूखा सोवत होहिये-
न जाने कब से भूखा है-
प्यारा नन्द गोपाल-
उमड़-घुमड़ के पंछी होता-
चले लाल के द्वार-
पंख होते तो मैं उड़ जाता..

Posted on: Jun 27, 2016. Tags: Rishabh Mishra

माँ ओ मेरी माँ मैं तेरा लाडला...माता पर गीत

ऋषभ मिश्र ग्राम-ओझा पुरवा, ब्लॉक-जवा, तहसील-त्योंथर, जिला-रीवा, मध्यप्रदेश से माँ पर आधारित एक सुना रहे हैं:
माँ ओ मेरी माँ मैं तेरा लाडला-
तेरी उंगली पकड़ के चला-
ममता के आँचल में पला-
बनके तेरा साया मैं तुझको थाम लूँ-
उठके रब से पहले मैं तेरा नाम लूं-
पलकों तले पूजा करूँ तेरी-
तेरे सिवा क्या जिन्दगी मेरी-
माँ ओ मेरी माँ...

Posted on: Jun 24, 2016. Tags: Rishabh Mishra

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