स्वास्थ्य स्वर : दांत में कीड़े लगने की समस्या का घरेलू उपचार-

जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय दांत में कीडे लगने की समस्या का घरेलू उपचार बता रहे हैं| जिन व्यक्तियों के दांत में कीड़ा लग जाता है| वे कंटकारी जिसे भटकटईया के नाम से भी जाना जाता है| उसके फल को लेकर आग के अंगारे में डालना है| जिससे धुआं होगा, तब उसे एक मिट्टी के बर्तन जिसमे पीछे एक छेद हो जिसमें धुवां निकल सके| लेकर ढक देना है| और जो धुआ छेद से निकले उसे मुह में लेकर कुछ समय तक रोकना है| उसके बाद एक थाली में पानी रखकर उसके ऊपर मुह को खोलना है| जिससे थाली में कीड़े गिरने लगेंगे| अधिक जानकारी के लिये इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं: राघवेंद्र सिंह राय@6306748178.

Posted on: Mar 17, 2019. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI TIKAMGARH

स्वास्थ्य स्वर : बालो से संबंधित समस्या का घरेलू उपचार-

जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय बालों में होने वाली समस्या का घरेलू उपचार बता रहे हैं| जिन व्यक्तियों को बालों से संबंधित समस्या हो वे शिकाकाई के फलियों को 400 ग्राम पानी में उबालें और जब 100 ग्राम पानी शेष रह जाये, तो उसे ठण्डा कर बालों को धोना चाहिये| उसके बाद भृंगराज तेल को बालो में लगाना है| इससे बालो की समस्या में लाभ मिल सकता है| अधिक जानकारी के लिये दिये गये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : राघवेन्द्र सिंह राय@6306748178.

Posted on: Mar 17, 2019. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI

स्वास्थय स्वर : केश (बाल) झड़ने के घरेलु उपचार...

जिला-टीकमगढ़, (मध्यप्रदेश) से राघवेन्द्र सिंह राय केश (बाल) झड़ने के घरेलु उपचार बता रहे हैं:
शीकाकाई एक वृक्ष के रूप में होता है, इसके फल एक अच्छे प्रकार के औषधि के प्रयोग में लाया जाता है| यह आयुर्वेद में बालों के लिए शिकाकाई का स्थान सर्वोपरि है, इसे उपयोग में लाने के लिए इसके फलियों को 100 या 400 ग्राम पानी में उबालें, जब पानी आधा शेष रह जाए तो उसे ठंडा कर केश (बालों) को अच्छी तरह से धोएं, ऐसा करने से बालों में मजबूती और झडन दोनों में लाभकारी सिद्ध होता है| इसका उपयोग घरों में आसानी से किया जा सकता है, बिना कोई धन खर्च किये:
राघवेन्द्र सिंह राय@09424759941.

Posted on: Mar 14, 2019. Tags: MADHYA PRADESH RAGHVENDRA SINGH RAI TIKAMGARH

स्वास्थ्य स्वर : अडुषा के पौधे का औषधीय गुण..

जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय अडुषा के पौधे का औषधीय गुण बता रहे हैं, अणुषा (बाशा) को उदर कृमि (पेट में कीड़े) रोग को ठीक करने में उपयोग किया जा सकता है| अणुषा के पत्तो के रस में मधु या शहद मिलाकर सेवन करने से पेट के कृमि नष्ट हो जाती है और वह बाहर निकल जाते है चर्म रोग जैसे-दाद खाज खुजली में इसके 20 पत्तो में 10 ग्राम हल्दी चूर्ण और गौमूत्र में पीसकर दाद, खाज, खुजली के स्थान पर लेप लगाने से दाद, खाज, खुजली की समस्या में लाभ होता है अगर किसी को बमन या उल्टी होती है तो अणुषा के पत्तो के रस में मधु अथवा नीबू का रस मिलाकर सेवन करने से लाभ हो सकता है| संपर्क नंबर@9424759941.

Posted on: Mar 04, 2019. Tags: HELTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI TIKAMGARH

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