दुनिया क्यों भटकती है , दिनरात अँधेरे में...गीत

ग्राम-पनवारखुर्द, तहसील-त्योंतर, जिला-रीवा (म.प्र.) से मनुलाल वर्मा एक गीत सुना रहे हैं :
दुनिया क्यों भटकती है , दिनरात अँधेरे में ...२
गरीबों की बारात है, दिनरात अँधेरे में!!
दुनिया क्यों भटकती है , दिनरात अँधेरे में
इस दुनिया में दो गरीब हैं , एक कन्या और एक गौ ...२
दुनिया क्यों भटकती है , दिनरात अँधेरे में
कन्या को चाहे जहाँ भेज दो, दिन रात अँधेरे में !!
दुनिया क्यों भटकती है , दिनरात अँधेरे में
दिनरात अँधेरे में ...

Posted on: Mar 28, 2018. Tags: Mannulal Verma

आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में: खुजली का घरेलू उपचार

If you are suffering from Itching skin then take 500 grams of old jaggery, 100 gms Ashwagandha (Withania somnifera), 25 gms Fenugreek and 50 gms cardamom and make a powder and make 40 tablets out of them. Take this tablet twice a day early in morning and after dinner at night. Please do not take any water after taking it, you will not have any itching skin says Mannulal Verma from village Panwarkhurd in Jaba block of Rewa district in Madhya Pradesh. For more Vaidya Verma is at 8085828879

Posted on: Oct 30, 2016. Tags: Mannulal Verma

महात्मा गाँधी तेरी ये नगरिया, रखते हो तुम बराबर नजरिया...

गाँव-पनवारखुर्द, तहसील-जवा, जिला-रीवा, मध्यप्रदेश से मन्नूलाल वर्मा एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
महात्मा गाँधी तेरी ये नगरिया, रखते हो तुम बराबर नजरिया-
तेरा झंडा ये बड़ा है निराला, इसके आगे ना कोई हिला ना-
लहर-लहराए झंडा नगरिया, रखते हो तुम बराबर नजरिया-
जब से देश किया है आजाद, तब से लोग बड़े हैं खुश लागी-
महात्मा गाँधी तेरा ये नगरिया,रखते हो तुम बराबर नजरिया...

Posted on: Jul 25, 2015. Tags: Mannulal Verma

दुनिया क्यों भटकती हैं, दिन रात अंधेरे में...गरीबी गीत

ग्राम-पनवार खुर्द, तहसील-त्योथर, ब्लाक-जवा, जिला-रीवा म.प्र.से मन्नूलाल वर्मा जी गरीबी पर एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं :
दुनिया क्यों भटकती हैं, दिन रात अंधेरे में-
गरीबों की बारात आई, दिन रात अंधरे में-
गरीबों का बात, कोई नहीं सुनता-
ना उनका कोई, बात मानता-
गरीबों की हाल बिगड़ी, दिन रात अंधरे में-
दुनिया क्यों भटकती हैं...
किसी के कुत्ते, दूध से नहाते हैं-
किसी के बच्चे, सूखी रोटी नहीं पाते हैं-
दुनिया क्यों भटकती हैं...

Posted on: Nov 11, 2014. Tags: Mannulal Verma

ताथैया मुरली वाले, बंशी से मन को भाए...

मन्नूलाल वर्मा पनवार खुर्द, जिला-रींवा (मप्र) से जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में एक गीत सुना रहे हैं:
ताथैया, ताथैया मुरली वाले, बंशी से मन को भाए
सावन का महीना आया, राधा को झूला झुलाया
ताथैया, ताथैया, ताथैया मुरली वाले, बंशी से मन को भाया
कुंजन में दरस दिखाया, राधा संग ब्याह रचाया
ताथैया, ताथैया, ताथैया मुरली वाले, बंशी से मन को भाया
भादौं का महीना आया, जनमे ये अष्टमी पाया
ताथैया, ताथैया, ताथैया मुरली वाले, बंशी से मन को भाया

Posted on: Aug 22, 2014. Tags: Mannulal Verma

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