"रे रे लयो रेला ..रे रे लयो रेला "आदिवासी महिला गोंडी भाषा में गीत सुना रही हैं|

ग्राम-उर्वेल ,पंचायत-थानामोद्दु ,ब्लाक -पोडिवे .जिला-मलकानगिरी ओड़िसा से उयिका कांता आदिवासी महिला गोंडी भाषा में गीत सुना रही हैं|
रे रे लयो रेला..रे रे लयो रेला रेला रेला ..रेला रेला...
सनावादु चेल्लो सनावादु चेल्लोल ...
नानो वल वल दा नानो वल वल ....

Posted on: Sep 21, 2019. Tags: GEET GONDI KANTHA ODISA UYIKA

बिगड़ी बना दे बाबा, द्वारे आयें तोर...भजन-

ग्राम-कोडार, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से बिसेलाल पटेल एक भजन सुना रहे हैं:
बिसकर्मा बाबा मोर पड़ाथन पइंया तोर-
बिगड़ी बना दे बाबा, द्वारे आयें तोर-
बिगड़ी बना दे बाबा शरण में आयें तोर-
श्रृष्टि के रचईया तै पार लगाईया बिनती सुन ले मोर-
फूल, पान, नरियर धर के आरती सजाये हन-
17 सितंबर के तोला हम मनाये हन-
सबो जगह होवाये शोर-
बिसकर्मा बाबा मोर पड़ाथन पइंया तोर-
बिगड़ी बना दे बाबा द्वारे आयें तोर...

Posted on: Sep 18, 2019. Tags: BISELAL PATEL CG KABIRDHAM SONG

कैसे गुजर करथो तुम गणपति गजानंद...भजन गीत-

ग्राम कोराल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से बिसेलाल पटेल एक भजन गीत सुना रहे हैं:
कैसे गुजर करथो तुम गणपति गजानंद-
एक दुसर बैरी हे, तुहर मन के वाहन-
शंकर के देह मा बड़े-बड़े सांप हे-
कहा गे हे मुसवा उहू बड़े पाप हे-
नानकुन मुसवा हा सांप के बा रावन-
दाई के बघवा हा बैठे द्वारे-
ददा के बैला नांदिया सवारी-
तुहर मन के पूजा होथे महिना सावन-
कैसे गुजर करथो तुम गणपति गजानंद...

Posted on: Sep 13, 2019. Tags: BISELAL PATEL CG KABIRDHAM SONG

रामा हो मन भजो गणपति को...गीत-

ग्राम कोराल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से बिसेलाल पटेल एक गीत सुना रहे हैं:
रामा हो मन भजो गणपति को-
दुःख दर्द मिट जाही ना रे-
गालेते सिया पति को-
बारा बजे ब्रम्हा को गा ले, एक बजे ओमकार को-
दो बजे द्वारकानाथ कहिले, तीन बजे त्रिवेणी को-
चार बजे चर भुजी सुमर ले पांच बजे परमेश्वर को-
छ: बजे छविलाल कहिले सात बजे सरस्वती को...

Posted on: Sep 09, 2019. Tags: BISELAL PATEL CG KABIRDHAM SONG

बिना मेहनत और खाद के उगने वाला धान है पसही-

ग्राम-डभौरा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से जगदीश यादव धान के बीज के बारे में बता रहे हैं| आज धान की कई किस्म उपलब्ध हैं, उसी में से एक है पसही धान, ये धान की वो किस्म है, जिसे किसान खेती नहीं करता है, ये खुद खेतो और गड्ढो में भरे पानी में उगती है, देखने में लगता है, इसमे किसान ने बहुत मेहनत कर उगाया है, पर ऐसा नहीं है| धान की ये किस्म प्रकृति में खुद से तैयार होती है| इसके फसल को पशु नहीं खाते, इसके चावल की कीमत बाजार में 200 रुपये किलो है| संबंधित विषय पर अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@7697448583.

Posted on: Sep 09, 2019. Tags: AGRICULTURE JAGDISH YADAV MP REWA

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