स्वास्थ्य स्वर: नीम के पत्तो का चूर्ण और आंवले के गिरी का चूर्ण से उपचार...

जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से राघवेंद्र सिहं राय आज हम लोगो को खुजली का उपचार बता रहे है|नीम के पत्तो का चूर्ण और आंवले के गिरी का चूर्ण मिला करके आधे चम्मच सुबह और आधे चम्मच शाम खा कर के पानी पी लेवें|इससे खुजली ठीक हो जाती है| प्रयोग सभी अपने घरों में आसानी से कर सकते हैं| सम्पर्क नम्बर@9519520931.

Posted on: Mar 13, 2021. Tags: HEALTH DEPARTMENT MP TIKAMGADH

स्वास्थ्य स्वर : देशी जड़ी बूटियों से उल्टी बंद करने का औषधीय उपचार-

जिला-टीकमगढ़ मध्यप्रदेश से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय आज हम लोगो को उल्टी (बोमिट) का देशी जड़ी बूटियों का औषधि बता रहे है, अगर किसी व्यक्ति को उल्टियाँ हो रही हो तो उसके लिये बेर होता है | उस बेर की गुठली को फोड़ने से जो मीही निकलेगी उसको उलटी आने वाले व्यक्ति को खिलाकर पानी पिला देने से उलटी बंद हो जायेगी | इसके आलावा दौड़ा इलायची (बड़ी इलायची) को लोहे के तवे में रखकर जला लेवे और उसकी जो राख है उसको सेहत के साथ मिलाकर खाने से उल्टियाँ बंद हो जायेगी | संपर्क@9519520931.

Posted on: Mar 10, 2021. Tags: HEALTH DEPARTMENT RAGHVENDRA SINGH RAI TIKAMGADH MP

स्वास्थ्य स्वर : उल्टी को रोकने के घरेलू उपाय...

प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी उल्टी रोकने के घरेलू उपाय बता रहे हैं, सभी स्त्री, पुरुष, किशोर सभी को उल्टी आती है, 5 ग्राम तुलसी का रस, 1 इलायची का चूर्ण बनाकर शहद में मिलाकर दिन में 3-4 बार सेवन करने से लाभ होती है| चावल दाल की खिचड़ी में नमक डालकर खाना चाहिये इससे लाभ होती है|अधिक जानकारी के लिये@9111061399.

Posted on: Feb 16, 2021. Tags: CG HEALTH DEPARTMENT RAIPUR

स्वास्थ्य स्वर : दंती का औषधि प्रयोग-

ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया छत्तीसगढ़ से वैद्य केदारनाथ पटेल आज हम लोगो को वन औषधि द्वारा दंती का औषधि प्रयोग बता रहे है, दंती के बीज जमालगोटे के सामान तीव्र चेचक होते है | अधिक मात्रा में लेने पर ये प्राण घातक भी हो जानते है | इसके बीज उतेजक और चरम दाहक पदार्थ की तरह भी काम में लिये जाते है | संधिवाद के लिये इसकी छाल बहुत उपयोगी होती है | इसके बीज बहुत कम मात्रा में लेवे | 2-3 प्रति से ज्यादा न लेवे | 2 शतलज के पूर्व में इसके पत्ते घाव को दुरुस्त करने के काम में लिये जाते है | इसके पत्ते घाव को भरने के लिये भी उपयोग किया जाता है | इसका रस लोहे को गलाने के काम में भी आता है | पीलिया में भी इसका जड़ बहुत उपयोगी होता है | इसके पत्ते काड़ा दमे के बीमारी में भी अत्यंत लाभदायक है | संपर्क@9826040015.

Posted on: Jan 12, 2021. Tags: HEALTH DEPARTMENT SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : पीलिया रोग के घरेलु उपचार-

प्रयाग विहार, मोतीनगर रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी पीलिया रोग के घरेलु उपचार बता रहे हैं सफ़ेद आंकड़ा, अकवन 250 ग्राम, सेंधा नमक 20 ग्राम, काली मिर्च 40 ग्राम इन सभी को मिट्टी की बर्तन से पैक कर सुरक्षित रखें तथा आग में गर्म करें जब यह जल कर राख (भष्म) हो जाने के बाद पिस कूट कर सुरक्षित रखे 2 ग्राम भष्म दिन में दो बार खाली पेट लगातार 21 दिन तक सेवन करने से पीलिया रोग में लाभ होती है :अधिक जानकारी के लिए संपर्क@9111061399.

Posted on: Jan 06, 2021. Tags: HEALTH DEPARTMENT SONG VICTIMS REGISTER

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