देवी गीत : कोन ला सोहे अजरा-गजरा, कोन सोहे हार...

ग्राम-केकराखोली, ब्लाक-मगर लोड, जिला-धमतरी (छत्तीसगढ़) से कीर्ति साहू और उनके साथ है पुष्पा मरकाम साथी तिकेश्वरी मरकामदेवी गीत सुना रहा है:
कोन ला सोहे अजरा-गजरा, कोन सोहे हार-
कोन सोहे माथ माँ कुटिया, सोला हो सिंगार-
महामाई ला सोहे अजरा-गजरा, ऋषि होहे हार,
बूढी माई ला सोहे माथ माँ कुतिया, सोला हो सिंगार-
माई बर फुल गजरा, माई बर फुल गजरा-
गुथव हो मलिन के फुल जगरा, सोला हो सिंगार-
काहे फुल के अजरा-गजरा, काहे फुल के हार-
कान्हेर फुल के अजरा-गजरा, चमेली फुल के हार-
कान्हेर फुल के माथ में कुटिया सोला हो सिंगार-
माई बर फुल गजरा, माई बर फुल गजरा-
गुथव हो मलिन के फुल गजरा...

Posted on: Nov 18, 2019. Tags: DHAMTARI CG KEERTI SAHU SONG

रेला गीत : साय रे रे ला दवना पान, नैना गढ़ी-गढ़ी जाय...

ग्राम-केकराखोली, जिला-धमतरी (छत्तीसगढ़) से कीर्ति साहू और उनके साथ है राजेश कुमार रेला गीत सुना रहा है:
साय रे रे ला दवना पान, नैना गढ़ी-गढ़ी जाय-
हाय रे हाय दवना पान, नैना गढ़ी-गढ़ी जाय-
फुल कस चेहरा मुस्कान भरे होठ मा-
हाय रे हाय दवना पान, नैना गढ़ी-गढ़ी जाय-
हमर पारा आबें-जाबों करमा-ददरिया-
ताल में ताल मिल जाए-
तक धि न धिन मांदर बाजे, झुमरे हे मान्दरिहा-
चंदा-चांदिनी लजाएँ-
साय रे रे ला दवना पान, नैना गढ़ी-गढ़ी जाय...

Posted on: Nov 16, 2019. Tags: DHAMTARI CG KEERTI SAHU

छत्तीसगढ़ी गीत : कोने चावल टिके रे निक लागे...

ग्रामपंचायत-केकराखोली, जिला-धमतरी (छत्तीसगढ़) से अजय कचलाम और उनके साथ ग्रामीण महिला बिसान्तिन बाई, फुलेश्वरी पोटाई, राम बाई सलाम फूलमत मरकाम छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही है:
कोने चावल टिके रे निक लागे-
निक लागे निक लागे दौना पाने रे निक लागे-
दाई चावल टिके रे निक लागे-
निक लागे निक लागे दौना पाने रे निक लागे-
भैया चावल टिके निक लागे-
निक लागे निक लागे दौना पाने रे निक लागे...

Posted on: Nov 05, 2019. Tags: AJAY KACHLAM DHAMTARI CG SONG

पारंपरिक जैविक खेती के बारे में जानकारी दे रहे है, जिला (छत्तीसगढ़) से....

ग्राम-केकराखोली, ब्लाक-मगरलोड, जिला धमतरी (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव उनके साथ है ग्राम-घोटियादादर ने निवासी नक्क्षेना राम कश्यप बता रहा है आज भी हम लोग ज्यों-ज्यों विकास की ओर अग्रसर हो रहे हैं, वैसे-वैसे हम अपनी संस्कृति और परंपराओं को पीछे छोड़ते जा रहे हैं परन्तु अपने जीवनकाल में अपनी खेत में रासायनिक खाद्य का प्रयोग नही करते है, जैविक खाद्य घरेलु निर्मित खाद्य तैयार कर प्रयोग किया जाता है जिनका नाम है “हंडी खाद्य” जिसे घर में ही निर्माण किया जाता है. इस खाद्य को 1 एकड़ के लिए तैयार करने के लिए.
1बड़ा सा मटका या फिर ड्रम ले. और 10 किलो. गोबर, 10 किलो. मूत्र, 1 किलो. 1 बेसन किलो. इन सब घोल बनाये और उसे लगातार डंडे के सहायता से घुमाते रहे 5-7 दिनों तक रखें उसके बाद खेत में छिड़काव करे. जिसे जमीन की नमी बनी रहती है और बराबर मात्रा में उपजाऊ बना रहता है.इस सन्देश के माध्यम से बताया पारंपरिक जैविक खेती के शुरू करे.

Posted on: Nov 03, 2019. Tags: DHAMTARI CG MOHAN YADAV

सरस्वती वंदना : हे शारदे माँ, हे शारदे माँ...

ग्राम-केकराकोली, ब्लाक-मगरलोड, जिला-धमतरी (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव और उनके साथ भूमिका और कोमिन कुंजाम सरस्वती वंदना सुना गीत सुना रही है:
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ-
आज्ञानता से, हमे तार दे माँ-
है संगीत तुझ से, हर शब्द तेरा-
हर गीत मुझ से, हे हे शारदे माँ-
मुनियों ने समझी, गुनियों ने जानी-
वेदों की भाषा, पुराणों की वाणी-
हम भी तो समझे, हम भी तो जाने-
तू श्वेतवर्णी, कमल पर विराज-
हाथों में वीणा, मुकुट सर पे साजे-
मनसे हमारे मिटाके अँधेरे-
हमको उजालों का संसार दे माँ-
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ-
अज्ञानता से हमें तारदे माँ-

Posted on: Nov 03, 2019. Tags: DHAMTARI CG MOHAN YADAV SONG

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