वनांचल स्वर : महुआ और मक्का लाई का लाटा खाने से शरीर तंदरुस्त रहता है और खून बढ़ता है...

सीजीनेट जनपत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-बड़वार नवापारा, पोस्ट-गोविंदपुर, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां से कन्हैयालाल केवट को गाँव के देवीलाल नेटी और टिकाराम मरावी बता रहे है कि उनके गाँव के पास तमोर पिंगला नाम का जंगल है, उस जंगल से प्राप्त तेंदू, महुआ, चार, भेलवा, कंदमूल का उपयोग वे लोग खाने के लिए करते है, महुआ का लाटा बनाकर खाते है, लाटा को मक्का के लाइ के साथ कूटकर बनाते है| लाटा खाने से शरीर तंदरुस्त रहता है और खून बढ़ता है, इससे आँखों की कमजोरी भी दूर होती है| इसलिए उनका कहना है कि लाटा को घर के सभी लोग अवश्य खाए और औरों को भी खिलाएं जिससे वे भी तंदरुस्त रहें |

Posted on: Apr 04, 2018. Tags: DEVILAL NETI TIKARAM MARAVI VANANCHAL SWARA

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