तोहरा से बोलब ना ए बलमजी तोहरा से बोलब ना....भोजपुरी में झूमर गीत

किलकारी बालकेंद्र, मुजफ्फपुर, बिहार दीपा कुमारी भोजपुरी में एक झूमर गीत सुना रही हैं:
तोहरा से बोलब ना ए बलमजी तोहरा से बोलब ना-
कि हमरा झुलनी बिन तरसवला बलमजी तोहरा से बोलब ना-
बाग़ लगवला ना ए बलमजी बगीचा लगवला ना-
कि हमरा निंबुआ बिन तरसवला बलमजी तोहरा से बोलब ना-
तोहरा से बोलब ना ए बलमजी तोहरा से बोलब ना....

Posted on: Mar 30, 2016. Tags: DEEPA KUMARI

वायकि वायकि उसर ते आवर गुटू दे...गोंडी लोकगीत

जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से कक्षा-आठवीं का एक छात्रा दीपा कुमारी गोंडी भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रहीं है, इस गीत के माध्यम से बता रही हैं कि आदिवासी लोग अपना जीवन किस तरह से बिताते हैं :
रे रे लोयों रे रे ला राणा रे रे ला-
वायकि वायाकि उसर ते आवर गुटू दे-
निया नवा पोल्लों ते नाड़ गुटू दे-
रे रे लोयों रे रे ला राणा रे रे ला
गोढ़ेल मर्श पोय्या ना वालें हिदी-

ना,इद मावा जिनगी रंड दिया ना- रे रे लोयों रे रे ला राणा रे रे ला-
हिच्का गोपा ना वाले हिदी ना-
इद मावा जिनगी रंड दिया न-
रे रे लोयों रे रे ला राणा रे रे ला-

Posted on: Mar 05, 2016. Tags: DEEPA KUMARI