गोदिया तबाही कर गइले बियाह रे विदेशिया...

अनीता कुमारी मुजफ्फरपुर बिहार से भिखारी ठाकुर का एक विदेशिया गीत गा रही है:
हम ता खेलत राहिली अम्मा जी
गोदिया तबाही कर गइले बियाह रे विदेशिया-
हे सजनी हे हे सजनी हे हे सजनी-
पिया गइले विदेशवा हे सजनी-
गोडवा में जूता नइखे हथवा में छता-
हे सजनी कैसी अकेली राहतव हे सजनी-
हमारा सोहात नाइके कउनो अरमनवा-
वोहवा चबात होहिहैं पनवा-
हे सजनी हे हे सजनी हे हे सजनी-
रहिया तकत बीतल जाला मोरी उमरिया-
हे सजनी हे हे सजनी हे हे सजनी...

Posted on: Feb 21, 2017. Tags: Anita Kumari

कबो ना ओराइ हो घर के झमेला...मेला गीत

अनिता कुमारी मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से थावे के मेला पर गीत सुना रही हैं:
कबो ना ओराइ हो घर के झमेला-
हमके दिखाव सजना थावे के मेला-
पूजा कइल जाई सईया नेहिया लगा के-
अक्षत चुंदरी फूल रोड़ी चरण में चढ़ाके-
बड़ी हई दानी मईया लोगवा कहेला-
मेला लागे सईया चुड़िया बिकाला-
हमरा के किन दिही गरवा के माला-
बड़ा निक लागेला सरकस के खेला-
महिमा बा साधु बाबा के बीच जंगल में-
बाबा रहसु जी के मंदिर बाटे बगल में-
धुईयां रमावे जंगल बाबा के चल हमके देखाव...

Posted on: Nov 12, 2016. Tags: ANITA KUMARI

मुरतिया मईया के बड़ा नीक लागे...देवी गीत

मालीघाट,जिला-मुजफ्फपुर (बिहार) से अनीता कुमारी एक देवी गीत सुना रही हैं:
मुरतिया मईया के बड़ा नीक लागे-
मईया के द्वारे पूजा करत हैं-
दुअरिया देख के निक लागे-
मईया के माथे टिका शोभे-
बचवा देख के बड़ा नीक लागे-
मईया के कानो में कुण्डल शोभे-
बचवा देख के बड़ा नीक लागे-
मईया के देहो पर चुंदरी शोभे-
गोटवा देख के बड़ा नीक लागे...

Posted on: Oct 09, 2016. Tags: ANITA KUMARI

निमिया के डाढ़ी मईया डालेली असनवा की झुमी झुमी न...भोजपुरी देवी गीत

अनीता कुमारी भोजपुरी भाषा में एक देवी गीत सुना रही हैं:
निमिया के डाढ़ी मईया डालेली असनवा की झुमी झुमी न-
मइया झुलेली झुलनवा की झुमी झुमी ना-
सातो रे बहिनिया के भैरो हवे भईया-
आदि शक्ति देवी के अनेक बाटे नईया-
जेकरा सहारा नइखे राखेली शरनवां की झुमी झुमी ना-
कामरुप कमख्याय कलकत्ता वाली काली-
मइहर में शारदा विन्धयाचल विन्धवाली-
कश्मीर में वैष्णो देवी जानेली जहनवाँ की झुमी झुमी ना-
भक्त करे दर्शनवा की झुमी झुमी ना...

Posted on: Oct 07, 2016. Tags: ANITA KUMARI

कथी के कघही शितल मईया : देवी गीत...

अनीता कुमारी एक देवी गीत सुना रहीं है:
कथी के कंगही शितल मइया कथी के लागल हो तार-
कथिये बइठल शितल मइया झारि लामी हो केश-
टूटी गेलइ कंगही शितल मइया मुड़ी गेलइ हो तार-
झटकत जाली शितल मइया सोनरा के दुकान-
हाथ तोरा टूटतइ रे सोनरा जवानी लागे हो घुन-
जौना हाथे गढ़ले रे सोनरा ककहिया केश हो तार-
रोवली सोनरा के मइया माता के हो दुआर-
ऐमकी गुनहिया शितल मइया बक्शीश हो हमार-
फिरु से गढ़ाएब हो मइया ककहिया केश हो तार...

Posted on: Oct 06, 2016. Tags: ANITA KUMARI

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