लोग अकेले में डरते हैं, पर मुझे भीड़ भाड़ से डर लगता है...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी अपने विचारो को कविता के माध्यम से प्रस्तुत कर रहे हैं :
लोग अकेले में डरते हैं-
पर मुझे भीड़ भाड़ से डर लगता है-
सैतानी भी भीड़ भाड़ में ही होती है-
एकांत तो संत महात्माओ का है-
एकांत में रहने से ईश्वर का भी ध्यान होता है-
इसीलिए तो संत गुरु एकांत में रहते हैं...

Posted on: Apr 14, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download