जा रही है संविधान की सवारी...संगठन गीत

ग्राम-छिपिया, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुकन्या एक संगठन गीत सुना रही हैं:
जा रही है संविधान की सवारी-
किरन को आकर समेटें-
बादल को रंगे देके-
मन उसका भारी-भारी-
वीर ये सारा घर को लौटे-
किरण भी ये आंचल समेटें-
लाल रंग के रथ में बैठे-
चल पड़ी है संविधान की सवारी-
तारो की आती बारात-
चांदनी खिलखिलाती-
चाँद को प्रकाश देकर-
संविधान अपने हांथ लेकर-
जा रही है संविधान की सवारी-
किरण को आ कर समेटें...

Posted on: Mar 19, 2020. Tags: MP REWA SONG SUKNYA VICTIMS REGISTER

संगठन बनायेगें अधिकारों को जानेगें...संगठन गीत

ग्राम-छिपिया, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुकन्या एक संगठन गीत सुना रही हैं:
आ गई है गरीबी हमपे, अधिकार जानने का मौका नहीं है-
संगठन बनायेगें अधिकारों को जानेगें-
संविधाने पढ़ेगें अधिकारे बनायेगें-
आगे बढ़कर अधिकारों को पाना है-
संगठन में बहुते शक्ति है-
संविधान बनायेगें, संविधान बनायेगें-
आ गई है गरीबी हमपे अधिकार जानने का मौका नहीं है...

Posted on: Mar 18, 2020. Tags: MP SONG SUKNYA REWA VICTIMS REGISTER

बन्नी ठाडे जमुन जी की तीर...बन्नी गीत-

ग्राम-छिपिया, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुकन्या एक बन्नी गीत सुना रही हैं:
बन्नी ठाडे जमुन जी की तीर के अपने पापा से अर्जी करये-
मम्मी ऐसे वर ढूढ़ों रधुवीर जिसे गलमाला पड़ये-
बन्नी ठाडे जमुन जी की तीर के अपने चाचा से अर्जी करये-
चाची अइसन वर ढूढां रधुवीर जिसे गलमाला पड़ये-
बन्नी ठाडे जमुन जी की तीर के अपने भईया से अर्जी करये-
भाभी अइसन वर ढूढां रधुवीर जिसे गलमाला पड़ये-
बन्नी ठाडे जमुन जी की तीर के अपने पापा से अर्जी करये...

Posted on: Mar 18, 2020. Tags: MP SONG SUKNYA REWA VICTIMS REGISTER

चलो रे स्कूल साथियों...संगठन गीत-

ग्राम-छिपिया, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुकन्या एक संगठन गीत सुना रही हैं:
चलो रे स्कूल साथियों-
एक साथ आओ संगठन बनाओ-
यह मजदूर का संगठन, किसानो का संगठन-
यह दुखियो का संगठन, यह भुखियो का संगठन-
हम सारे मिलकर बनायें संगठन चलो कष्ट उठायें-
खेती बनती चलो रे स्कूल साथियों-
चलो रे स्कूल साथियों एक साथ आओ संगठन बनाओ...

Posted on: Mar 15, 2020. Tags: MP REWA SONG SUKNYA VICTIMS REGISTER

सुनो साजन हुई लालन घडी सोने की आई है...गीत-

ग्राम-छिपिया, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुकन्या एक सोहर गीत सुना रही हैं:
सुनो साजन हुई लालन घडी सोने की आई है-
यंहा बिलुई की बेरी है वंहा सासू मचलती है-
मचलती है मचलने दो यंहा की रीत ऐसी है-
सुनो साजन हुई लालन घडी सोने की आई है-
यंहा लड्डू की बेरी है वहां जेठी मचलती है-
मचलती है मचलने दो यंहा की रीत ऐसी है-
सुनो साजन हुई लालन घडी सोने की आई है...

Posted on: Mar 15, 2020. Tags: MP REWA SONG SUKNYA VICTIMS REGISTER