सरी चों नासी चो होड़ दु को मे ना...संथाली गीत

मधुपुर, देवगढ़ (झारखण्ड) से पुष्पा टूडू, सीमा, किरन कनकलता मुर्मू, आशा मरंदे सामोहिक रूप से एक सांथाली गीत गा रही रहे हैं पता नहीं यह सही है या गलत, लेकिन स्वर्ग के बारे में कहा जाता है कि वह सोने का देश है. वहां कोई दुःख-तकलीफ नहीं है. वहां केवल शान्ति ही शान्ति है :
सरी चों नासी चो होड़ दु को मे ना
सिरमा दिसम कथाय सोना दिसम
देसे चला मे पिया रे, देसे चियय मे पिया रे
सिरमा दिसम कथाय सोना दिसम
सरी चों नासी चो...
सिरमा दिसम कथाय सुलुक दिसम
बागी तहेना भावना, सरी सुलुक रिबुन तहेना
सिरमा दिसम कथाय सुलुक दिसम
सरी चों नासी चो होड़ दु को में ना
सिरमा दिसम कथाय सोना दिसम

Posted on: Jul 27, 2014. Tags: Pushpa Tudu SONG VICTIMS REGISTER

अंतर्शक्ति...प्रेरक कविता

वो विहग! डाल पर बैठे, तुम क्या सोच रहे हो
कैसे उडूं, नहीं इतना बल, यही सोचकर कांप रहे हो
सभी तुम्हारे संगी -साथी, नभ में घूम रहे हैं
किन्तु तुम्हारे पैर अभी , धरती से जुड़े हुए हैं
उड़कर नहीं चलोगे तो, बैठे रह जाओगे
थोड़ी या अतिदूर, कहीं भी पहुँच नहीं पाओगे
गगन दूर है हमने माना, मगर तुमको वहीँ पहुँचना
पंखों में गति आ जाएगी, मंजिल छोटी हो जाएगी
तुममें ताकत बहुत बहुत भरी है, भीतर-भीतर दबी पड़ी है
उस ताकत को पहचानों, अपने हिम्मत को जानो ...

Posted on: Jul 25, 2014. Tags: Pushpa Tudu SONG VICTIMS REGISTER