रात की तन्हाई में जब याद तेरी आती है...कविता-
ग्राम-नवलपुर, पोस्ट-कोतरी, ब्लाक-लोरमी, जिला-मुंगेली छत्तीसगढ़ से निशु बुनकर एक कविता सुना रही है:
रात की तन्हाई में जब याद तेरी आती है-
चाँद का उगना भाता है तारो की बारात सुहाती है-
फूलो से सवकर चांदनी धरा पे जैसे आई हो-
नदियों ने सागर से मिलकर जैसे प्यास भुजाई हो-
सागर की मोजो पर बहार सी छा जाती है-
रात की तन्हाई में जब याद तेरी आती है...
Posted on: Jun 14, 2020. Tags: NISHU BUNKAR POEM SONG VICTIMS REGISTER
दिन का उजाला रात्रि का अंधकार है...कविता
ग्राम-नवलपुर, पोस्ट-कोतरी, ब्लाक-लोरमी, जिला-मुंगेली छत्तीसगढ़ से निशु बुनकर एक कविता सुना रही है उसका शीर्षक है : बलात्कारी
दिन का उजाला रात्रि का अंधकार है-
करके चीत्कार ऊँची स्वर में-
मैं रोती हूँ कि हो रहा बलात्कार है-
हमसे इस युग पर सच व् ईमानदारी का-
सत धर्मो के उसूलो का, हमारे संस्कारो का-
पारिवारिक मूल्यों का और हम-
कलयुग के अनगिनत बहीमूर्खो कुम्भकरण-
पाषाण जिगर लिए गली गली देख रहे है, देख रहे है...
