दिन का उजाला रात्रि का अंधकार है...कविता

ग्राम-नवलपुर, पोस्ट-कोतरी, ब्लाक-लोरमी, जिला-मुंगेली छत्तीसगढ़ से निशु बुनकर एक कविता सुना रही है उसका शीर्षक है : बलात्कारी
दिन का उजाला रात्रि का अंधकार है-
करके चीत्कार ऊँची स्वर में-
मैं रोती हूँ कि हो रहा बलात्कार है-
हमसे इस युग पर सच व् ईमानदारी का-
सत धर्मो के उसूलो का, हमारे संस्कारो का-
पारिवारिक मूल्यों का और हम-
कलयुग के अनगिनत बहीमूर्खो कुम्भकरण-
पाषाण जिगर लिए गली गली देख रहे है, देख रहे है...

Posted on: Jun 07, 2020. Tags: MUNGELI CG NISHU BUNKAR POEM SONG VICTIMS REGISTER