हम तो लड़ेंगे, हम न डरेंगे...संघर्ष गीत

हम तो लड़ेंगे, हम न डरेंगे
ये हाहाकार ये अत्याचार हम न सहेंगे
जहाँ हक़ न मिले तेरा-मेरा वहीँ लड़ेंगे
हम तो लड़ेंगे, हम न डरेंगे
जिन रगो में खून था, भर लो उनमें बिजलियां ,
बिजलियों से खाक कर दो वो सोने की बस्तियां
इस खाक से फूटेगा अपनी जिंदगी का फूल,
फिर महकेगी जिंदगी, कोई न होगा शूल
म तो लड़ेंगे,हम न डरेंगे।

एक सी कदम है यारा,एक सी कदम ताल है,
एक सी आवाज अपनी,एक सा अंदाज है
हम जोर से जो कांप दें तो पथ हिलेगा ,
गरजेगी धरती आकाश हिलेगा।
हम तो लड़ेंगे, हम न डरेंगे,
ये हाहाकार ये अत्याचार हम न सहेंगे

Posted on: Mar 24, 2014. Tags: Kumar Dileep

हम तरुण है हिन्द के हम खेलते अंगार से...

हम तरुण है हिन्द के हम खेलते अंगार से
लड़ते नहीं हथियार से डरते नहीं तलवार से
हम जीतते है प्यार से हम तरुण है हिन्द के
आंधियो के बीच में आहें निमंत्रण दे रही
लाख पतरों के बवण्डर हम तो ना कहते नहीं
हम छ्वैया नावले जाते सदा मझधार से
चाँद सूरज और सितारे लाख ये ढलते रहे
ज़िंदगी के कारवा चलते रहे चलते रहे
कौन है मुझको बुलाता क्षितिज के उस पार से
मुक्ति का ले मन्त्र मेरे देश में गांधी बढा
सत्य का संग्राम सबने त्याग के बल पर लड़ा
क्रान्ति की ज्वाला कभी बुजती नहीं फुफकार से...

Posted on: Mar 22, 2014. Tags: Kumar Dileep