हम तो लड़ेंगे, हम न डरेंगे...संघर्ष गीत
हम तो लड़ेंगे, हम न डरेंगे
ये हाहाकार ये अत्याचार हम न सहेंगे
जहाँ हक़ न मिले तेरा-मेरा वहीँ लड़ेंगे
हम तो लड़ेंगे, हम न डरेंगे
जिन रगो में खून था, भर लो उनमें बिजलियां ,
बिजलियों से खाक कर दो वो सोने की बस्तियां
इस खाक से फूटेगा अपनी जिंदगी का फूल,
फिर महकेगी जिंदगी, कोई न होगा शूल
म तो लड़ेंगे,हम न डरेंगे।
एक सी कदम है यारा,एक सी कदम ताल है,
एक सी आवाज अपनी,एक सा अंदाज है
हम जोर से जो कांप दें तो पथ हिलेगा ,
गरजेगी धरती आकाश हिलेगा।
हम तो लड़ेंगे, हम न डरेंगे,
ये हाहाकार ये अत्याचार हम न सहेंगे
