यह तबाही कुछ कहती है...

सुन ए मानव
तूने नदियाँ बाँधी तूने काटे पेड़
तूने मिसाइल दागी तूने काटे पर्वत
तूने मिटटी खोदी तूने लूटे प्राकृतिक खाधान्न
तूने जानवर काटे तूने मारे पंक्षी
तूने परमाणु बम बनाया तूने किया विस्फोट
तूने जंगल काटे तूने किया धरती का विनाश
तूने मंगल खोजा तूने खोजा चाँद
तूने बना दिया इस धरती को हैवान
तूने मंदिर तोड़ा तूने तोड़ी मस्जिद
तूने तोड़ दिया सारा संसार
तूने तकनीकी बनायीं तूने आधुनिकता का किया व्यापार
तूने संस्कारों और रीति रिवाजो का किया सत्यानाश
तू है कसाई तू है विनाशी तू है हैवान
तू निर्दयी तू पापी तू है बईमान
तू अधर्मी तू कुकर्मी तू है अत्याचारी

सुन ए मानव
यह तबाही कुछ कहती है ....................
सुन ए मानव
यह तबाही कुछ कहती है ..........................

( हम सब उत्तराखंड में आई प्राकृतिक प्रलय के शांत होने की प्रार्थना करते है । )

के एम् भाई
cn.- 8756011826

Posted on: Jun 22, 2013. Tags: KM Yadav

आओ एक ऐसे समाज की कल्पना करे...

जहाँ न कोई दर्द हो न कोई घुटन
जहाँ न कोई उदास हो और न कोई दुखी
जहाँ न कोई बेबस हो और न कोई बेचारा
जहाँ न कोई दुखी हो और न कोई परेसान
जहाँ न कोई हिंसा हो और न कोई शोषण
जहाँ न कोई सहमा हो न कोई डरा
जहाँ न कोई बंदिश हो और न कोई रोक
जहाँ न कोई सरहदे हो और न कोई सीमा
जहाँ न कोई दरवाजा हो और न कोई दीवार
जहाँ न कोई बंटवारा हो और न कोई परिवार बिखरे
जहाँ न कोई पिंजरा और न कोई जेल
जहां न कोई गरीब हो न कोई अमीर
जहाँ न कोई बीमार हो और न कोई भूखा
जहाँ न कोई ऊचां हो और न कोई नीचा
जहाँ न कोई असमानता हो और न कोई गैर बराबरी
जहाँ न कोई धर्म हो और न कोई जाति
जहाँ न कोई भेद भाव हो और न कोई मन मुटाव
जहाँ न कोई अपराध हो न कोई जुर्म
जहाँ न कोई पराया हो और न कोई दुश्मन
जहाँ न कोई चोर हो और न कोई अपराधी
जहाँ न कोई किसी को सताए और न कोई किसी को रुलाये
जहाँ न कोई किसी से घ्रणा करे न कोई किसी से नफरत
जहाँ सिर्फ प्रेम और ख़ुशी का माहौल हो
जहाँ सिर्फ इंसानियत और मानवता हो
जहाँ हम भी खुश रहे और तुमभी खुश रहो
आओ एक ऐसे समाज की कल्पना करे
जहाँ सब खुश रहे ...
खुश रहे, खुश रहे, खुश रहे ...

Posted on: Jun 15, 2013. Tags: KM Yadav

सुनो सुनो भगत सिंह मर चुका है...एक कविता

सुनो सुनो भगत सिंह मर चुका है
देश के ए नवजवानों सुनो भगत सिंह मर चुका है
सुनो ए आसमा सुनो ए जमीन
ए हवा तुमभी सुनो भगत सिंह मर चुका है
इतिहास को भी सुनाओ और संस्कृति को भी बताओ
भगत सिंह मर चुका है भगत सिंह मर चुका है
आज हर किसी के दिलो से भगत सिंह मर चुका है
जोश भी मर चुका है वो विचार भी मर चुका है
देश का संविधान मर चुका है लोगो का विश्वास भी मर चुका है
नेताओ का चरित्र मर चुका है देश का लोकतंत्र मर चुका है
सुनो मुल्क के ए नवजवानों भगत सिंह मर चुका है

संवेदनाये मर चुकी है, मर चुका है न्याय
बुझ गयी है दिलो की आग, इंक़लाब मर चुका है
सुनो ए नवजवानों भगत सिंह मर चुका है
भगत सिंह मर चुका है भगत सिंह मर चुका है
शहीद भगत सिंह शहीद सुखदेव शहीद राजगुरु की शहादत को शत शत सलाम
के एम् भाई

Posted on: Mar 23, 2013. Tags: KM Yadav

दिन में आलू बेचना तो रात रात भर जागकर RTI आवेदन लिखना ...एक कविता

एक था RTO का दलाल
शराबी भी था और शौकीन भी
दलाली कर पैसा कमाना जिसका था शगल
जिसे न परिवार की चिंता थी न समाज की
बस रहता था नशे में मस्त
पर एक दिन की घटना ने जिसकी बदल दी अक्ल
और फिर RTO की दलाली से निकला एक RTI कार्यकर्ता
नशे की लत छूटी और शौक ने समाज सेवा का रूप ले लिया
जुनून ऐसा कि जिसके हाथ RTI आवेदन लिखते लिखते थकते नहीं
और मुँह से RTI के लिए आवाज बंद होती नहीं
स्वास्थ विभाग हो या फिर राशन विभाग
शंकर सिंह का RTI आवेदन आपको जरूर मिलेगा
डीएम हाउस से लेकर पीएम् हाउस तक शंकर सिंह के नाम की चर्चा है
कहते है किसी भी विभाग से सूचना दिलाने की ताकत रखता है ये बन्दा
पर जिंदगी का भी खेल देखिये साथियों
समाज के लिए लड़ने वाले के घर में
रोटी-दाने का इंतजाम करने वाला कोई नहीं
बीमार बच्चे के इलाज की भी कोई व्यवस्था नहीं
एक समय ऐसा भी आर्थिक कंगाली से जूझ रहे
परिवार के भरण पोषण का भी कोई इंतजाम नहीं
ऐसे में जिंदगी ने दोराहे पर लाकर खड़ा कर दिया जहाँ,
एक तरफ फिर से वही RTO की काली कमाई और दलाली का स्वर्ग था
तो दूसरी तरफ मेहनत और ईमानदारी की आलू की ठेलिया का गर्व था
साथियों एक आम आदमी की नैतिकता और इंसानियत की अनूठी मिसाल देखिये,
घोर विपत्ती के समय में भी इस आठवी पास व्यक्ति ने
ईमानदारी का दामन नहीं छोड़ा
और RTO की दलाली का रास्ता ठुकराकर, आलू की ठेलिया से नाता जोड़ा
जीवन के इस कठिन मोड़ पर भी शंकर सिंह ने RTI से मुंह न मोड़ा
और अपनी आलू की ठेलिया से ही RTI की मुहीम को फिर छेड़ा
दिन में आलू बेचना तो रात रात भर जागकर RTI आवेदन लिखना
यहाँ तक कि हर आलू खरीदने वाले को RTI का इस्तेमाल करना भी सिखाना
इसे शंकर सिंह का जूनून ही कहेंगे जिसने
उन्हें आलू की ठेलिया से ‘जनता सूचना केंद्र” तक पहुँचाया
आज वे एक बार फिर से अपने इस जनता सुचना केंद्र के माध्यम से कमजोर और असाहय लोगो के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे है

शंकर सिंह के इस जज्बे और जूनून को कोटि कोटि सलाम

यह कविता प्रसिद्ध RTI कार्यकर्ता शंकर सिंह के जीवन से प्रेरित है।

Posted on: Feb 17, 2013. Tags: KM Yadav

No Govt scheme in this village, Children learn nothing in schools, they allege...

KM bhai today is visiting a village called Jogindera near Kanpur in Uttar Prradesh. A scheduled Tribe of snake charmers live in this village from more than 150 years. They do not have any land and they say no goverhment scheme runs in their village. They send their children to school but they do not learn to even write their names after going to school for 5 years. Their women work in other people’s farms as laborers. When will any govt scheme look at these people he asks. For more KM bhai can be reached at 08756011826

Posted on: Dec 17, 2012. Tags: KM Yadav

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