सरस्वती दाई वो हवय तोर हंस सवारी वो...देवी गीत
ग्राम-गोरबहरी, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से तिरलोकी सिदार एक देवी गीत सुना रहा है:
ज्ञान बुद्धि के तहि देवैया माई तोरे दुआरी-
सरस्वती दाई वो हवय तोर हंस सवारी वो-
बीच सरयू पर कमल फुल मा बैठे आसन मारे-
हम बालक तोर अरज करतहन दोनों हाथ लमाके-
छोटे-छोटे लैकाअन ओ दाई तय सबके महतारी-
पंचम शुर मा गूंगा बोले छत्तीस राग मिलाके-
विनय करे देवता नर-नारी सरग ले चन्दा धाये...
Posted on: Mar 14, 2019. Tags: CG RAIGARH SONG TIRLOKI SIDAR VICTIMS REGISTER
120 वर्ष जीने वाला 60-70 वर्ष में ही जग छोड़कर चला जा रहा है, इससे दुर्भाग्य और क्या है...गद्द्यांश
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक गद्यांश (दुर्भाग्य और क्या है) सुना रहा है:
आज गाँवों को शहर में तब्दील होते देख रहा हूँ-
गाँव के मुखिया को गुथियारी करते देख रहा हूँ-
मंदिर को मदिरालय में तब्दील होते देख रहा हूँ-
हंसने खेलने के दिन में बच्चों को बोझ तले दबते देख रहा हूँ-
नदी नालों को दुखित होते देख रहा हूँ-
वन उपवन को कटते हुए देख रहा हूँ-
जिधर देखो भीड़ ही भीड़ शोरगुल का आलम भगदड़ मचा है-
चारो तरफ मौत का पहरा है-
बे स्वास्थय जलवायु से विभिन्न्य प्रकार के रोग प्रविष्ट जूझ रहा है-
रोक थाम का नाम नही बल्कि और तेजी से फैलाया जा रहा है-
जिसका परिणाम हर व्यक्ति को झेलना पड़ रहा है-
लाभ एक को होता है लेकिन भुगतना सभी को पड़ता है-
नई-नई खोज, नया-नया आविष्कार सुख-सम्रद्धि तो है-
पर इसका दुष्परिणाम भी भयानक है-
120 वर्ष जीने वाला 60-70 वर्ष में ही जग छोड़कर चला जा रहा है-
इससे दुर्भाग्य और क्या है-
Posted on: Mar 14, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
बूढी माँ सिसक रही थी, बहू उसे झिड़क रही थी...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
बूढी माँ सिसक रही थी, बहू उसे झिड़क रही थी-
पांच साल की पोती पुतली बना रही थी-
औरत का भी दीवाना बेटा राग जमा रहा था-
अंधी तू मरती क्यों नहीं, हरदम हमें सताती रहती है-
हरदम हम लोगों का चुगल करती रहती है-
पड़ोसियों को भी अपना आंसू बहाती रहती है...
Posted on: Mar 12, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
ऐ सरहद पे मरने वालों, तुमको कोटि-कोटि प्रणाम मेरा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
ऐ सरहद पे मरने वालों-
तुमको कोटि-कोटि प्रणाम मेरा-
जिस माँ ने तुमको जन्म दिया-
उस माँ को भी नमन मेरा-
तुमने हंसते-हंसते कुर्बान हुवे-
देश वासियों को यही पैगाम दिये...
Posted on: Mar 12, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
आया फागुन झूम के, संग बसंत बहार लाया चुन के...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
आया फागुन झूम के-
संग बसंत बहार लाया चुन के-
बाग बगिया में पतझड़ आया-
आम महुआ चार के, तेंदू के पेड़ बौराया-
परसा सेमर लाल लाल, भौरा घूम रहा डाल-डाल-
तितली भी चहक रही डाली-डाली...
