बबूल का घर छोड़ चली, उसे बड़े लगन से सवारी थी...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
बबूल का घर छोड़ चली-
उसे बड़े लगन से सवारी थी-
ओ गली को भूल चली, जहा पायल छनकाती थी-
दोष नहीं यह उसकी विधि का विधान है-
यह समय होती हर लड़की की...

Posted on: May 02, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

ये माया की नगरी है, सब माया में बंधे हैं...कहानी-

एक महात्मा प्रतिदिन कथा सुनाते थे|लोग उनसे कथा सुनते थे| एक दिन महात्मा सभी से पूछे, आप लोग बड़े ध्यान से कथा सुनते हैं| आज तक कुछ ज्ञान प्राप्त किया क्या| तब सभी बारी-बारी से अपने प्राप्त ज्ञान के बारे में बताये| आखरी में एक व्यक्ति बचा | उनसे भी महात्मा पूछे| उसने कहा मेरे एक कान से दूसरे कान के बीच छेद है जिसमे बात एक से होकर दूसरे से निकल जाती है| मन चंचल है| मै टाइमपास करने आता हूँ| फिर उसने बोला सभी से पूछिये, क्या माँ अपने बच्चे को जहर दे देगी, क्या किसान अपना जमीन छोड़ देगा, क्या करदाता कर लेना छोड़ देगा, क्या नेता झूठ बोलना छोड़ देगा, ये माया की नगरी है सब माया में बांधे है| महात्मा ने कहा आपने सबसे अच्छा ज्ञान का अर्जन किया है |

Posted on: May 02, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER

बेटी घर की शान, बेटी घर की आन...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
बेटी घर की शान, बेटी घर की आन-
बेटी नहीं कोई सामान, बेटी को दो समुचित ज्ञान-
बेटी जब पढ़ेगी देश राष्ट्र गढ़ेगी-
एक नहीं राष्ट्र गढ़ेगी, इस देश का होगा नाम-
जिस देश में बेटी को हो शिक्षा-
उस देश का बढ़ता मान सम्मान...

Posted on: May 02, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

न जान न पहचान, फिर भी सौंप दी नन्ही सी जान...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
न जान न पहचान-
फिर भी सौंप दी नन्ही सी जान-
अल्हड जवानी होता बड़ा सैतान-
जान कर भी बन जाता अंजान-
सबको होती है जो प्यारी-
पलभर की करती नहीं देरी...

Posted on: May 02, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

मौत संदेश देकर नहीं आता, आता है चुपचाप...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
मौत संदेश देकर नहीं आता, आता है चुपचाप-
बच्चा जवान नहीं देखता-
ले जाता खीचकर अपने साथ-
वो अपना करनी कर जाता है-
पर दोष उसका नहीं होता, कुछ घटना घट...

Posted on: May 01, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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