ये माया की नगरी है, सब माया में बंधे हैं...कहानी-
एक महात्मा प्रतिदिन कथा सुनाते थे|लोग उनसे कथा सुनते थे| एक दिन महात्मा सभी से पूछे, आप लोग बड़े ध्यान से कथा सुनते हैं| आज तक कुछ ज्ञान प्राप्त किया क्या| तब सभी बारी-बारी से अपने प्राप्त ज्ञान के बारे में बताये| आखरी में एक व्यक्ति बचा | उनसे भी महात्मा पूछे| उसने कहा मेरे एक कान से दूसरे कान के बीच छेद है जिसमे बात एक से होकर दूसरे से निकल जाती है| मन चंचल है| मै टाइमपास करने आता हूँ| फिर उसने बोला सभी से पूछिये, क्या माँ अपने बच्चे को जहर दे देगी, क्या किसान अपना जमीन छोड़ देगा, क्या करदाता कर लेना छोड़ देगा, क्या नेता झूठ बोलना छोड़ देगा, ये माया की नगरी है सब माया में बांधे है| महात्मा ने कहा आपने सबसे अच्छा ज्ञान का अर्जन किया है |
