ए मोचो गांव रे दका, ए मोचो गांव रे दका...हल्बी गीत-
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दरभा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से असमति नाग और फूलमती नाग एक हल्बी गीत सुना रही हैं :
ए मोचो गांव रे दका, ए मोचो गांव रे दका-
ए आय मोचो बस्तर दकालू आदिवासी कितालो है सुंदर-
रे रे रे रेला रेला रेला, रे रे रे रेला रेला रेला-
बस्तर दरभा गोटकी माटी-
हासे दरभा चीर मगा टी-
ए मोचो गाटी रे दका, ए मोचो गाटी रे दका-
ए मोचो गांव रे दका, ए मोचो गांव रे दका-
ए आय मोचो बस्तर दकालू आदिवासी कितालो है सुंदर...
Posted on: Jan 07, 2020. Tags: BASTAR CG SANBATI DUGGA SONG VICTIMS REGISTER
शहीदों की चिताओं पर खाड़ी हुई स्वतंत्रता...गीत-
दरभा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से घनश्याम बघेल एक हल्बी गीत सुना रहे हैं:
शहीदों की चिताओं पर खाड़ी हुई स्वतंत्रता-
आज लड़खड़ा रही क्या हुआ नहीं पता-
क्या हुआ नहीं पता-
मेरे वतन, मेरे वतन, मेरे वतन-
कुर्बानियों के बाद ये स्वतंत्रता मिली है-
लबो पे मुस्कुराती लबी लबी खिली है-
दुवाय किधर से उठ रहा है लूट आओ कैसे-
ये गोलियों के बरकराने भूख प्यास कैसे...
Posted on: Jan 06, 2020. Tags: BASTAR CG SONG SUKHDAI KACHLAM VICTIMS REGISTER
भारत के गांव गांव में सीखेंगे पढ़ना लिखना...गीत-
महकापाल, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से मिटो नाग और लक्ष्मी नाग एक गीत सुना रहे हैं:
भारत के गांव गांव में सीखेंगे पढ़ना लिखना-
कैसे सुंदर देश होगा, पूरा होगा जल्दी पढाई-
रायपुर के गांव गांव में सीखेंगे पढ़ना लिखना-
ऐसे सुंदर देश होगा पूरा होगा जल्दी पढाई-
भारत के गांव गांव में सीखेंगे पढ़ना लिखना-
कैसे सुंदर देश होगा, पूरा होगा जल्दी पढाई...
Posted on: Jan 06, 2020. Tags: BASTAR CG SONG SUKHDAI KACHLAM VICTIMS REGISTER
मै पतझड़ की एक काली, तुम चाहो तो खिल जाऊं...कविता-
महकापाल, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से पूनम और कुमे एक कविता सुना रहे हैं:
मै पतझड़ की एक काली, तुम चाहो तो खिल जाऊं-
पर एसी मेरी चाह नहीं, माली में घुस जाऊं-
एक यही अभिलाषा मै सबको गले लगाऊं-
इन नन्ही नन्ही कलियों संग मै झूम झूम कर गाऊं-
उठ निकल प्यार की बाधा पर सुंदर राग सुनाऊं-
मै पतझड़ की एक काली, तुम चाहो तो खिल जाऊं-
पर एसी मेरी चाह नहीं, माली में घुस जाऊं...
Posted on: Jan 06, 2020. Tags: BASTAR BUDHMAN SINGH CG POEM SONG VICTIMS REGISTER
नन्हा मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ...कविता-
महकापाल, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से शिव सागर एक कविता सुना रहे हैं :
नन्हा मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ-
बोलो मेरे संग-
जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद-
रस्ते में चलूंगा न डर-डर के-
चाहे मुझे जीना पड़े मर-मर के-
मंज़िल से पहले ना लूंगा कहीं दम-
आगे ही आगे बढ़ाऊंगा कदम...
