नन्हा मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ...कविता-
महकापाल, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से शिव सागर एक कविता सुना रहे हैं :
नन्हा मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ-
बोलो मेरे संग-
जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद-
रस्ते में चलूंगा न डर-डर के-
चाहे मुझे जीना पड़े मर-मर के-
मंज़िल से पहले ना लूंगा कहीं दम-
आगे ही आगे बढ़ाऊंगा कदम...
