बम भोले रे लाल, कोह म रंगोला फागरिया...फ़ाग गीत-

सुनील कुमार, मुजफ्फरपुर मालिघाट, (बिहार) से फागुन के महीने में फ़ाग गीत सुना रहे है:
बम भोले रे लाल कोह म रंगोला फागरिया-
होली हो लाल कोह म रंगोला फागरिया-
बम भोले रे लाल कोह म रंगोला फागरिया-
किन क रे भिजी लती पति फागरिया-
किन क रे भिजी रे चुन्दरिया...
बम भोले रे लाल कोह म रंगोला फागरिया-
शिव जी के भिजी हो लती पति बगिया-
गौरा के भीन्जे रे चुन्दरिया-
बम भोले रे लाल कोह म रंगोला फागरिया....

Posted on: Mar 10, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : हल्दी के फूल से पीलिया का इलाज

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी से पीलिया रोगी को कैसे हल्दी के पौधे से ठीक किया जा सकता है सुनते है विधि: हमारे आस पास बहुत सारे पेड़ पौधे होते है उन्ही में से हल्दी का पौधा है हल्दी के फूल को पीसकर चावल के पानी के साथ चूर्ण बनाकर खाली पेट तीन दिन तक पीए एक सप्ताह में पीलिया रोग दूर हो जायेगा. गन्ने को चूसकर उसका रस खाने से भी पीलिया रोग ठीक हो जाता है, चिरोठा के पत्ते को तोड़कर लाइए उसे सुखाकर उसे दाल के साथ टमाटर के साथ पकाइए उससे साँस की बीमारी एवं खून साफ़ होता है, ऐसे बहुत सारे पेड़ पौधे है हमारे आस पास हैं लेकिन जानकारी नही होने से हम उनका उपयोग नही कर पाते है, तो आप सुनते रहिये सीजीनेट। पडियारी@9981622548

Posted on: Mar 09, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

होली समाज के हर एक वर्ग को सदभाव के सूत्र में जोड़ने का एक सामूहिक महोत्सव...

होली समाज के हर एक वर्ग जाति के लोगो को सदभाव के सूत्र में जोड़ने का एक सामूहिक महोत्सव है, होली के उल्लास के जरिये बहुत गहराई तक लोक संस्कृति में धसी है. लोक जीवन में होली का त्यौहार अन्य पर्वो से ज्यादा लोकप्रिय है, होली के पूर्व रात्रि में होलिका का दहन परम्परा है, समस्त उत्तर भारत में होली के पूर्व होने वाले इस विधान में एकरूपता दिखाई पड़ती है, जबकि दक्षिण प्रान्तों में होली दहन में भिन्नता दिखाई पड़ती है, कई प्रान्तों में होली दहन प्रहलाद नाम से भी जाना जाता है. अधिकतर गाँव एवं शहरो में बच्चो के द्वारा लकड़ी और गोबर के उपलों,कन्डो के द्वारा दहन किया जाता है, भारतीय लोक संस्कृति बिना यज्ञ आदि को समर्पित किये बगैर नवरात्र ग्रहण नही किया जाता इस कारण फागुन पूर्णिमा को सुमिध एकत्रित कर उसमे अग्नि का स्थापना कर गेहू, चने की बालियों की आहुति देने के बाद ही किसान खलिहान से अन्न घर ले जाते थे, होली पर्व कृषि युग की देन है-सीजीनेट परिवार को होली की ढेर सारी शुभकानाये|

Posted on: Mar 09, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

छेल छबीली फागुनी मन बना मकरन...फागुन गीत

ग्राम-तमनार पड़ेगाँव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से बाल साहित्यकार डॉ पी एस पुष्प एक फागुन गीत सुना रहे है:
छेल छबीली फागुनी मन बना मकरन-
ढोल मंजीरे दादरा बजे ह्रदय में छन-
मौसम ने पाति लिखी उड़ा गुलाबी रंग-
पात-पात फागुन दरे उत्सव वाले छन-
फुगुनाहट से भरे गई मस्ती भरी उमंग-
रोला ठुमरी दादरा लगे तिरतने अन-
फागुन आयो रे सखी फूल में उडी सुगन्ध-
भौराया मन वहां से नेह सितयन वन...

Posted on: Mar 09, 2017. Tags: PS PUSHP SONG VICTIMS REGISTER

रंग और गुलाल की आई खुशी का त्यौहार...होली कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी होली को लेकर एक कविता सुना रहे है:
रंग और गुलाल की आई खुशी का त्यौहार-
आवों दोस्तों मिलजुलकर, जताए सबसे प्यार-
मन में हो जो बैर, भाव उसे भुला गये यार-
उनके गले डाल दे, अपना बाहों का हार-
गाये मिलजुलकर खुशी गीत-
बाजा, ढ़ोल नगाड़ा, नाचे झूम-झूम-
गाए भरत फागुन का त्यौहार-
साल में आता एक बार, लिए बसन्त बहार-
पेड़, पौधे भी नाच रहे देख, खुशी का त्यौहार-
भौरे गुन, गुन कर रहे, देख मधु की बहार-
आवो आँखे में आँखे डाल, युगल करे अपना इज़हार-
केसू पलाश में बाल लाली, आई मद, मस्त बहार....

Posted on: Mar 09, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

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