छेल छबीली फागुनी मन बना मकरन...फागुन गीत
ग्राम-तमनार पड़ेगाँव, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से बाल साहित्यकार डॉ पी एस पुष्प एक फागुन गीत सुना रहे है:
छेल छबीली फागुनी मन बना मकरन-
ढोल मंजीरे दादरा बजे ह्रदय में छन-
मौसम ने पाति लिखी उड़ा गुलाबी रंग-
पात-पात फागुन दरे उत्सव वाले छन-
फुगुनाहट से भरे गई मस्ती भरी उमंग-
रोला ठुमरी दादरा लगे तिरतने अन-
फागुन आयो रे सखी फूल में उडी सुगन्ध-
भौराया मन वहां से नेह सितयन वन...
