जो पहना हथकड़ी उसे पड़ा छड़ी-छड़ी...कविता
विकासखण्ड-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक रचना सुना रहे है :
जो पहना हथकड़ी उसे पड़ा छड़ी-छड़ी-
देश के खातिर सूरवीरो में आफत पड़ी-
अंग्रेजो से लोहा लेने पड़ी उन्हें एक छड़ी-
जब देश आजादी पाई सब वीरो में ख़ुशी छाई-
बाबा साहेब ने सविधान रच डाली-
अब उसकी एक कड़ी टूट गई आज जमाना बदल गया-
संविधान विधान तब लुटरो की भेट चढ़ी-
धन्य भारत माता के सपूतो तेरी ये कुर्बानी की कड़ी-
तेरे ही हाथो तू फिर से संविधान रचा-
आज सब यह कहते अंतिम यह कड़ी सौ में-
निन्यानवे बेईमान फिर भी मेरा भारत महान...
Posted on: Sep 30, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
चलो हो काका, चलो हो काका...स्वच्छता गीत-
मालीघाट, जिला मुज्जफरपुर,( बिहार) से सुनील कुमार स्वच्छता से सम्बन्धित गीत सुना रहे है:
चलो हो काका चलो हो काकी, हाथ से हाथ मिलाइके-
दुनिया जाने तू भ जाना, महिमा साफ सफाई के-
दुनिया जाने तू भ जाना, महिमा साफ सफाई के-
तन से स्वच्छ रहेता मनवा, मोर मयूर से नाचेला-
जीवन से भागे अंधियारा, जग मग ज्योत जगावेला-
रोग राग सब दूर रहेला, बच बो जग हसाई के-
दुनिया जाने तू भी जाना, महिमा साफ़ सफाई के-
डायरिया, मलेरिया, पेचिस के भूत न आई जानी के-
आस पास के मिल के बनाई, साफ़ सफाई पानी की-
महकी जीवन की बगिया भी, मोल जे जनयु सफाई के-
दुनिया जाने तू भ जाना, महिमा साफ सफाई के-
दुनिया जाने तू भ जाना, महिमा साफ सफाई के...
Posted on: Sep 30, 2017. Tags: KUMAR SONG SUNIL VICTIMS REGISTER
गाँव का पारम्परिक आदिवासी संगीत...
ग्राम-दुधियाटोला, पोस्ट-सरई, जिला-सिंगरौली (मध्यप्रदेश) से रामलखन सिंह टेकाम बता रहे हैं कि आदिवासी समाज में शाम को काम ख़त्म करने के बाद या उनके विशेष आयोजनों में एक साथ बैठकर गीत संगीत और नृत्य करने की परम्परा रही है जो अब धीरे धीरे कम होती जा रही है पर कुछ सुदूर इलाकों में पुराने बुज़ुर्ग लोग आज भी परम्परा को जीवित रखने का प्रयास करते हैं, यह उनका मनोरंजन का साधन भी है क्योंकि उनकी भाषा में तो टीवी या रेडियो में कुछ अधिक नहीं होता जिसमे युवा लोग व्यस्त रहते हैं आज वे ऐसे ही एक मंडली में बैठे हैं और वहां गाए जाने वाले सेवा संगीत को सीजीनेट सुनने वालो को भी अपने मोबाइल फोन के माध्यम से सुना रहे हैं. रामलखन सिंह टेकाम@9644909675.
Posted on: Sep 29, 2017. Tags: RAMLAKHAN SINGH TEKAM SONG VICTIMS REGISTER
शिक्षा हमें परिस्थितियों को अनुकूल बनाने और अपनी संभावनाओं को पूरा करने में मदद करती है...
शिक्षा के माध्यम से हम अपना और अपने परिवार के विकास के साथ राष्ट्र के निर्माण में भी अपना योगदान दे सकते हैं, वर्तमान में शिक्षा के प्रति हमारे सोच में परिवर्तन हो गया हैं, आज के समय में युवक युवतियां शिक्षा को सिर्फ रोजगार से जोड़ते हैं, विद्यार्थी आज तकनीकि शिक्षा की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, तकनीकि शिक्षा ने परंपरागत शिक्षा प्रणाली को पीछे धकेल दिया है इसके परिणाम ये हुआ है कि मानवों में नैतिकता, मानवीयता, सदाचार का अभाव होते जा रहा है जो चिंता का विषय है, शिक्षा हमारी मानवीय और शारीरिक क्षमताओं के अनुरूप होना चाहिए लेकिन आज के विद्यार्थी पैसे की भागमभाग में नैतिक शिक्षा को पीछे छोड़ चुके हैं जो जीवन का आधार है | प्रीतमलाल प्रजापति@9522824525.
Posted on: Sep 29, 2017. Tags: PRITAMLAL PRAJAPATI SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाईल में : सिकलिंग की बीमारी का घरेलू इलाज
ग्राम-रौचंद, जिला-कबीरधाम, छत्तीसगढ़ से अमित साहू सिकलिंग रोग का घरेलू इलाज बता रहे हैं, यह एक वंशानुगत बीमारी है ये एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाती है इसमें रक्त अल्पता या शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी भी होती हैं इस बीमारी में शरीर में पीलापन, कमजोरी, बुखार रहता है, इसके इलाज के लिए कोदई का बासी, प्रोटीन युक्त खाना, जूस, टमाटर का जूस में शहद मिलाकर सेवन करें, हरी सब्जी, नास्ते में अनार के दाने ले सकते हैं, सतावारी और सफेद मुसली के चूर्ण को प्रतिदिन 100 ग्राम दूध में 1 चम्मच मिलाकर पीने से इस बीमारी में फ़ायदा होता है गेहूं की रोटी अच्छे से पकाकर भोजन करना चाहिए, भोजन में सुधार लाकर इस बीमारी का इलाज किया जा सकता है | अमित साहू@8964931287.
