गाँव का पारम्परिक आदिवासी संगीत...

ग्राम-दुधियाटोला, पोस्ट-सरई, जिला-सिंगरौली (मध्यप्रदेश) से रामलखन सिंह टेकाम बता रहे हैं कि आदिवासी समाज में शाम को काम ख़त्म करने के बाद या उनके विशेष आयोजनों में एक साथ बैठकर गीत संगीत और नृत्य करने की परम्परा रही है जो अब धीरे धीरे कम होती जा रही है पर कुछ सुदूर इलाकों में पुराने बुज़ुर्ग लोग आज भी परम्परा को जीवित रखने का प्रयास करते हैं, यह उनका मनोरंजन का साधन भी है क्योंकि उनकी भाषा में तो टीवी या रेडियो में कुछ अधिक नहीं होता जिसमे युवा लोग व्यस्त रहते हैं आज वे ऐसे ही एक मंडली में बैठे हैं और वहां गाए जाने वाले सेवा संगीत को सीजीनेट सुनने वालो को भी अपने मोबाइल फोन के माध्यम से सुना रहे हैं. रामलखन सिंह टेकाम@9644909675.

Posted on: Sep 29, 2017. Tags: RAMLAKHAN SINGH TEKAM SONG VICTIMS REGISTER