धन्य है वे जो मन हीन दीन है...ईशा मसीह का उपदेश-
सुनील कुमार ईशा मसीह की वाणी सुना रहे है:
धन्य है वे जो मन हीन दीन है-
क्योंकि स्वर्ग पे राज उन्ही का है-
धन्य है वे जो लोग शोक करते है-
क्योंकि वे शांति पायेंगे-
धन्य है वे जो नम्र है-
क्योंकि वे पृथ्वी के अधिकारी होंगे-
धन्य है वे जो धर्म के भूखे और प्यासे होंगे है-
क्योंकि वे तृप्त किये जायेंगे-
धन्य है वे जो दयावान है दया की जाएगी...
Posted on: Dec 26, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
सीटी की तर्ज में सरगुजिहा गीत...होली है -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया आज सीटी की तर्ज में एक सरगुजिहा फागुन गीत सुना रहे है: होली है...कैलाश पाया गाय चराते हैं होली आने में तो अभी देर है पर गाय चराते चराते जब भी उनको खाली समय मिलता है वे सीजीनेट के श्रोताओं के साथ अपने गीत, अपनी बांसुरी की धुन और आज सीटी से फागुन गीत सुना रहे हैं. वे पढ़े लिखे नहीं हैं, बचपन में उनको स्कूल जाने का मौक़ा नहीं मिला पर वे कहते हैं कि उनको भगवान का दिया कम्प्युटर बहुत तेज है. वे अपने ही दिमाग में कविता और गीत की रचना करते हैं धुन कहीं से सुनते हैं या खुद भी बनाते हैं और अपने मोबाइल फोन से गाय चराते चराते इन गीत, कविता और कभी बांसुरी और सीटी की धुनों को हम सभी को सुनाते हैं. वे बहुत सी समस्याएँ भी हल कर लेते हैं...
Posted on: Dec 26, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
जब भीषण गर्मी की तपन जलाई थी अंग...गीत -
डिंडोरी मध्यप्रदेश से संतोष अहिरवार साल के समापन पर एक गीत सुना रहे हैं :
जब भीषण गर्मी कि तपन जलाई थी अंग – तब पावस आ गया भर बौछार उमंग
बौचार में भीगकर कपड़े होते तंग – गोरे सिमटे लाज में दिखता है हर अंग – खुद पर ही मर मिटी लाल हो गया रंग – लाजवंती सी सिमटी चाहत पीका संग – वे तो हैं परदेश में कैसे धरे धीर...
Posted on: Dec 25, 2017. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
खोजो तो पावोगे, मांगोगे तो मिलेगा, खटखटाओ तो खोल दी जाएगी क्योंकि ढूंढने से ही मिलता है...
सुनील कुमार आज बड़े दिन या क्रिसमस के उपलक्ष्य में यीशु मसीह की अभयवाणी सुना रहे हैं : जो मेरे पीछे हो लेगा वह अंधकार में नही चलेगा इसलिए पहले ईश्वर के राज और धर्म की खोज करो और ये सब वस्तुए तुम्हे मिला दी जाएगी, खोजो तो पावोगे, मांगोगे तो मिलेगा, खटखटाओ तो खोल दी जाएगी क्योंकि मांगने से दिया जाता है और ढूंढने से मिलता है परिश्रम करने वाले और बोझ से दबे लोगो मेरे पास आओ मै तुम्हे आराम दूंगा जो लोग मेरे पास आते हैं उन्हें मै विश्राम देता हूं. मैं पापियों के पास जाता हूँ उससे लोग भला बुरा कहते हैं पर उनको प्रायश्चित की और लेकर जाना मेरा कर्म है तुम भी धैर्य रखो और अंत तक साथ चलो, जीत तुम्हारी होगी। मैं नम्र और मन में दीन हूँ, मुझसे सीखो
Posted on: Dec 25, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
जीसस जिन्दा थे तो उनके लिए क्या किया, जीसस को अपनी सूली खुद अपने कंधो पर ढोनी पड़ी...
मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार आज बड़े दिन या क्रिसमस या ईसा मसीह के जन्मदिन के अवसर पर सारे संसार को संबोधित करते हुए कहते है तुम राम, बुद्ध, महावीर, किसी को भज सकते हो, लेकिन जब महावीर जिन्दा थे तुमने पत्थर मारे, जब बुद्ध जिन्दा थे तब उनकी हत्या की कोशिश की, मीरा के गुण गाते हो जब मीरा जिन्दा थी तब जहर के प्याले भेजे, तुम बड़े ही अजीब लोग हो अभी जितने मंदिर जीसस के लिए समर्पित हैं उतने किसी के लिए नही होंगे, लेकिन जब जीसस जिन्दा थे तो उनके लिए क्या किया? जीसस को सूली खुद अपने कंधो पर ढोनी पड़ी जैसे कोई चोर या हत्यारे हो. ये कैसा समाज है जो अपने गुरु को मरने के बाद उसकी पूजा करता है?


