आज लोग गांव से शहर की तरफ पलायन करने को मजबूर हैं-

आज गांव छोते होते जा रहे हैं| बड़ा शहर और बड़ा होते जा रहा है| लोग नौकरी की तलास में शहर की तरफ भाग रहे हैं| गांव की भूमि पर उद्योगपति, पूंजीपति, दलाल, नेताओ की नजर है| इसमे सरकार भी उन्हें का साथ दे रही है| किसानो की जमीनों को कम दाम में ख़रीदा जा रहा है| या सरकार द्वारा भू-अर्जन कर छीना जा रहा है| फैक्ट्री या खनन के लिये| जब फैक्ट्री बनती है| तो उद्योगपति बहार से मजदूर लाते हैं| ताकि उसका काम अच्छे से हो सके| यदि कोई आवाज उठता है| तो उसे खरीद लिया जाता है| या उसकी आवाज दबा दी जाती है| आज जिसकी लाठी उसकी भैंस जैसी स्थिती है|

Posted on: May 04, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER

मै एक किसान का बेटा हूँ, खेती करना मेरा काम...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
मै एक किसान का बेटा हूँ, खेती करना मेरा काम-
खेती से ही बसा हुआ है, ये सारा जहान-
खेती से ही मिलता हमें जीने का सामान-
खेती मेरा माता पिता है, बहन भाई मेरा खलिहान-
नागर बैल ही मेरा सब कुछ है-
खेत हमारा सबका भगवान...

Posted on: May 04, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

एक भिखारी बड़ा लाचारी, नहीं उसके पास खास सामान...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक आरती सुना रहे हैं :
एक भिखारी बड़ा लाचारी, नहीं उसके पास खास सामान-
नित-नित मांगना नित खाना, बस वही उसका काम-
घर-घर जाना मांग कर लाना बस वही जानता काम-
जो भी मिल जाता उसको, उसी को समझाता अपना मुकाम-
घर-घर जाना ठोकर खाना, नसीब में लिखा भगवान-
नहीं खोजता मुक्ति के सिवा और कोई मान सम्मान...

Posted on: May 03, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

हे माँ भारती सबसे ऊपर तेरा नाम, हम भारती तेरा करें गुणगान...आरती-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक आरती सुना रहे हैं :
हे माँ भारती सबसे ऊपर तेरा नाम-
हम भारती तेरा करें गुणगान-
सबसे पहले लूं तेरा ही नाम-
सुख समृद्धि की जननी है तू-
तेरा ही सब उपकार-
तू हरित क्रांति धारणी, सबकी पालन हार...

Posted on: May 03, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

आया ग्रीष्म तपी सूरज, पसीना बनकर बहेगी...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
आया ग्रीष्म तपी सूरज, पसीना बनकर बहेगी-
तपन ऐसा हुआ कि उमसने लगा शरीर-
छांव भी काटने लगा मन को किया घायल-
थक हार कर बैठ गया-
विश्व की सुन बजती पायल...

Posted on: May 03, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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