आज लोग गांव से शहर की तरफ पलायन करने को मजबूर हैं-
आज गांव छोते होते जा रहे हैं| बड़ा शहर और बड़ा होते जा रहा है| लोग नौकरी की तलास में शहर की तरफ भाग रहे हैं| गांव की भूमि पर उद्योगपति, पूंजीपति, दलाल, नेताओ की नजर है| इसमे सरकार भी उन्हें का साथ दे रही है| किसानो की जमीनों को कम दाम में ख़रीदा जा रहा है| या सरकार द्वारा भू-अर्जन कर छीना जा रहा है| फैक्ट्री या खनन के लिये| जब फैक्ट्री बनती है| तो उद्योगपति बहार से मजदूर लाते हैं| ताकि उसका काम अच्छे से हो सके| यदि कोई आवाज उठता है| तो उसे खरीद लिया जाता है| या उसकी आवाज दबा दी जाती है| आज जिसकी लाठी उसकी भैंस जैसी स्थिती है|
