सरसों के पियार-पियार फूल लेयक मनला भेजाय सकू...छत्तीसगढ़ी गीत

रूपलाल मरावी ग्राम पंचायत डुमाडांड़ भगतपारा विकासखंड-प्रतापपुर जिला-सूरजपुर छत्तीसगढ़ से छत्तीसगढ़िया भाषा में शिक्षा से संबधित एक गीत सुना रहे हैं:
सरसों के पियार-पियार फूल लेयक मनला भेजाय सकू-
बाहूला भेजा स्कूल म्युला पढ़ावा-
दाई दावाके करते आवे सही मार्ग ला देखावा-
पढ़ी लिखी आगे बडी अपन हक़ अधिकारला जनी ही ही ही-
सोनेक चिड़िया ले बसेरा नवा जोत ले जलाए...

Posted on: Jan 05, 2017. Tags: Ruplal Marawi

कागज के ये नोट है बाबू, कागज के ही नोट...नोटों पर कविता

तहसील-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता नोटों पर एक रचना सुना रहे है:
कागज के ये नोट है बाबू, कागज के ही नोट-
और कागज की ही माया इनकी नीयत में है खोट-
और चले गाँव की ओर जी बाबू चले गाँव की ओर-
कागज के ये नोट है बाबू...
सांचे के ये रंग अनेक हैं, सांचे के ये ढंग-
जैसी करनी वैसी भरनी, चले शहर की ओर-
कागज के ये नोट है बाबू, कागज के ही नोट...

Posted on: Dec 26, 2016. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER

अस्पताल का उदघाटन स्वास्थ्य मंत्री ने एक साल पहले किया था अब तक कोई डाक्टर नहीं आया...

हमारे विधायक और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने हमारे गाँव में एक अस्पताल का उद्घाटन एक साल पहले किया था पर अब तक कोई डाक्टर नहीं आया है बता रहे हैं ग्राम पंचायत-लालगढ़, प्रखंड-विश्रामपुर, जिला-पलामू (झारखण्ड) से उपेन्द्र कुशवाह है के साथ उपस्थित कामेश्वर सिंह जो बता रहे है कि यहाँ पर लगभग 40 गाँव की आबादी के लोगो को यह अस्पताल नजदीक पड़ता है पर डाक्टर नहीं होने से अस्पताल में काम शुरू नहीं हो पाया है | अगर यह अपस्ताल चालू हो जाता है तो लोगो को बहुत सुविधा होगी| आपसे अनुरोध है कि आप सभी सीजीनेट सुनने वाले साथी स्वास्थ्य मंत्री@9431390832 से बातचीत कर डॉक्टरो की व्यवस्था करने में मदद करें| उपेन्द्र कुशवाह@9661932374

Posted on: Dec 24, 2016. Tags: SONG UPENDRA KUMAR KUSHWAHA VICTIMS REGISTER

आया करो शरमाया न करो, दिल खोल के भजन गाया करो...भजन गीत

ग्राम-मतगढ़ी, जिला-गढ़वा, (झारखण्ड) से खुशबु गुप्ता एक भजन गीत सुना रही है:
आया करो शरमाया न करो-
दिल खोल के भजन गाया करो-
सोने की लटकी में जलवा लगाईं ले...

Posted on: Dec 22, 2016. Tags: AMARDEEP GUPTA SONG VICTIMS REGISTER

मेरे सपनों का गाँव...कविता

तमनार जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक रचना सुना रहे हैं, रचना का शीर्षक है मेरे सपनों का गाँव :
प्रकृति की गोद में बसा वह एक छोटा सा गाँव, गाँव में मेरा छोटा घर-
आँगन में तुलसी चौरा फूल पौधा के छाव, यह मेरे सपनों का गाँव-
थोड़ी दूर पर एक छोटी सी नदियाँ पानी में धुन कल-कल किनारे बगुलों की-
मौन मन की हलचल सुबह का भ्रमण शौच स्नान के साथ प्रकृति का आनन्द-
इसके गीतों का श्रवण यह है मेरे सपनों का गाँव-
गलियोँ में खेलते बच्चें आधे नंगे आधे ढके खाते हुए अमरुद आम आधे कच्चे आधे पके-
हल चलाते किसान कटी फसलों से भरा खलियान-
बरसाती धारा में डूबता कागज की नाव, यह मेरे सपनों की गाँव-
माटी के हाड़ी में पकता हुआ चावल-
पेट में भूख की तीर क्योकिं स्कुल जाना है राम-रहीम के पाठ दोहराना है-
कड़क की धूप में अमरई की छाव यह मेरे सपनों की गाँव – गाँव में त्यौहार की महक सुबह शाम किरणों की चहक-
रात में अँधेरा जंगलो का सन्नाटा-
पूरब की लाली के साथ नदी तालाब-
खेतो का सर तपाता हुआ उबड़-खाबड़ धरती में चुभता नंगा पाँव-
यह मेरे सपनों गाँव-
एकांत शांत कोलाहल में बदलाव-
अब नहीं दिखाई देता बरगद पीपल की छाव-
यह नही हो सकता मेरे सपनो का गाँव-
मुझे नहीं चाहिए ऐसे निरस्त विकास-
मुझे चाहिए मेरा पुराना आकाश...

Posted on: Dec 19, 2016. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER

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