कागज के ये नोट है बाबू, कागज के ही नोट...नोटों पर कविता
तहसील-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता नोटों पर एक रचना सुना रहे है:
कागज के ये नोट है बाबू, कागज के ही नोट-
और कागज की ही माया इनकी नीयत में है खोट-
और चले गाँव की ओर जी बाबू चले गाँव की ओर-
कागज के ये नोट है बाबू...
सांचे के ये रंग अनेक हैं, सांचे के ये ढंग-
जैसी करनी वैसी भरनी, चले शहर की ओर-
कागज के ये नोट है बाबू, कागज के ही नोट...
