सोने ता मोड़ी शोभा ता मियाड़ी...बेटियों पर गोंडी गीत
ग्राम-गोविंदपुर, तालुका-कोरपना, जिला-चंद्रपुर (महाराष्ट्र) से रामराव उइके बेटियों पर आधारित एक गोंडी गीत सुना रहे है:
सोने ता मोड़ी शोभा ता मियाड़ी-
निमे जन्मा वातिन वो-
निमे पाडी आतिन वो-
तेना मियाड न मानी कियाना-
सुईरा धागा न मानी कियाना-
शोभा ता मियाड़ी...
Posted on: Apr 02, 2018. Tags: RAMRAO UIKEY SONG VICTIMS REGISTER
बस्तर भूमतोड़ लयोड़ वातोड़...गोंडी कविता -
जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमेश दुग्गा एक गोंडी कविता सुना रहे है:
बस्तर भूमतोड़ लयोड़ वातोड़-
भारी समरे मातोंड-
नन्ते जिलांग तल्लादे जलिंग-
एलोड़ लगा कितोड़-
तलादा पागा नन्ता पोग-
भारी शोभे माता-
ताने उडसी मंजर लया-
पेरके-पेरके वाता...
Posted on: Apr 02, 2018. Tags: RAMESH DUGGA SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : दाद, खाज, खुजली का घरेलू उपचार -
वैद्य एच.डी.गाँधी आज हम सभी लोगो को दाद, खाज, खुजली, का घरेलू उपचार बता रहे है, तिल्ली का तेल 100 ग्राम, नारियल का तेल 100 ग्राम, दोनों को मिलकर रख लेवे| उसमे नीम की पत्ती 25 ग्राम, गवार पाटा का गुदा 25 ग्राम और गेंदा का फूल 50 ग्राम, उन सबको साफ कर गर्म हुए तेल में पकावे और जब ये जल जाए तब उसको उतारकर जब वो गुनगुना रहे तब उसमे एक चम्मच हल्दी और दो कपूर की टिकिया 5 ग्राम डालकर मिला लेवे और ठंडा होने को रख देवे और जब वो ठंडा हो जाये तो उसको छानकर कांच के सीसी में सुरक्षित रख लेवे | लगाने की विधि रुई में तेल लेकर जहाँ-जहाँ दाग, खाज, खुजली, एग्जिमा सौराइसिस है वहां सुबह शाम दोनों समय लगावे और उसको कपडे ढक के रख देवे| साबुन का प्रयोग न करें, मुल्तानी मिटटी या काली मिटटी का प्रयोग करें| परहेज मिर्च, मसाले, तेल, खटाई घरिष्ट भोजन का प्रयोग कम करें नशा न करें| खासकर बैगन, चना, मटर, उड़द, मसूर की दाल, सेमी, मछली आदि का प्रयोग न करें| अधिक जानकारी के लिए संपर्क एच.डी.गाँधी@9111061399.
Posted on: Apr 02, 2018. Tags: HD GANDHI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
चिड़िया बैठी प्रेम प्रीत की, रीति हमें सिखलाती है...कविता
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक कविता सुना रहे है:
चिड़िया बैठी प्रेम प्रीत की, रीति हमें सिखलाती है-
वह जग के बन्दी मानव को, मुक्ति मन्त्र बतलाती है-
वन में जितने पक्षी है, खंजन कपोत चातको की-
साख हंस आदिवास, करते सब आपस में हिलमिल-
उनके मन में लोभ नही, पाप नहीं परवाह नही-
जग का सारा माल हड़पकर, जीने को भी चाह नही-
जो मिलता है अपने श्रम से, उतना भर लेते है-
बच जाता है औरो के हित, उसे छोड़ देते है...
Posted on: Apr 02, 2018. Tags: DURGESH PATEL SONG VICTIMS REGISTER
जब से भारत हुआ है आजाद रे...आजादी गीत
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, विकासकखंड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक आजादी गीत सुना रहे है:
जब से भारत हुआ है आजाद रे-
जागो देश के जवान रे-
कहीं निकल न जाए-
फिर से भारत की शान रे-
घर की लड़ाई में-
लोगो का सिर है फूटा-
जब से भारत हुआ है आजाद रे...

