दुःख अँधेरी रातो में, जगमगाती हंसमुख तारों के बीच...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
दुःख अँधेरी रातो में-
जगमगाती हसमुख तारों के बीच-
कोई चिराग ढूँढता हूँ-
पर मिलता नहीं कोई ऐसा चिराग-
मुझे तो दिखता है होता हुआ-
बर्बादी कैसा होगा हमारा भविष्य...
Posted on: Apr 22, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
हमारे मोहल्ले में पक्का रोड नहीं है, बारिश में बहुत कीचड हो जाता है, कृपया मदद करें...
नवापारा, ग्राम-सोनगरा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला सूरजपुर(छत्तीसगढ़) से ग्रामीण दशरथ, शिवबालक, मानु और धनेश्वर पैकरा बता रहे हैं, नवापारा के वार्ड क्रमांक 15 में 600 मीटर सी.सी रोड नहीं है, जिसके कारण बरसात के दिनों में बहुत कीचड़ हो जाती है| आने जाने में परेशानी होती है सी.सी रोड की मांग कई दिनों से कर रहे हैं, इसके लिए क्षेत्र के विधायक एवं गृहमंत्री श्री पैकरा और पूर्व मंत्री श्री टेकाम को भी आवेदन दिया है, परन्तु अब तक कोई सुनवाई नही हुआ है| कृपया इन नंबरों पर फोन कर मदद करें :
सरपंच@9770829468,C.E.O.@9165689001, कलेक्टर@9826443377. संपर्क@9340821483
Posted on: Apr 22, 2018. Tags: DHANSAY MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
जागो जागो महादेव, जगत महादेव, मेरे गुरु महादेव...भजन गीत
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेहटी, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक भजन सुना रहे है:
जागो जागो महादेव, जगत महादेव-
मेरे गुरु महादेव, महादेव महादेव-
आदि शक्ति महादेव, आदि गुरु महादेव-
जागो जागो गरु देव , जगत गुरु देव-
जागो जागो महादेव, जगत गुरु देव-
मेरे गुरु महादेव, महादेव महादेव...
Posted on: Apr 22, 2018. Tags: DURGESH PATEL SONG VICTIMS REGISTER
श्रीराम के भजन गा ले प्राणी...भजन गीत -
ग्राम-टेमनी, ब्लाक-बैकुंठपुर, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से सुरेश्वर प्रसाद एक भजन सुना रहे हैं:
श्री राम के भजन गा ले प्राणी-
तेरा जीवन है गुन-गुना पानी-
राम सुमर के राम ला पातेव-
सीता सुमर के शीतल हो जातेव-
श्री राम के भजन कर ले प्राणी-
प्राणी रे तेरा जीवन है गुन-गुना पानी...
Posted on: Apr 22, 2018. Tags: SONG SURESHWAR PRASAD VICTIMS REGISTER
कोयला के खातिर जाहि प्राण, कोयला ले निकाले के खातिर सरकार के हवे प्लान...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक कविता सुना रहे है:
कोयला के खातिर जाहि प्राण, कोयला ले निकाले के खातिर सरकार के हवे प्लान-
रेलवे लाईन बिछावत हवे, किसान मन के लूट के भूईय्या कंपनी मन के मितान हवे-
कहा पाओं खेतिहर भूईय्या, झाड़ जंगल ल घलो करवावत हवे सफ़ाया-
नदी नरवा के पानी उखरेज खातिर, उमा नहीं है कौनो सुनैय्या-
कहां जाबो कहां रहिबो, करवावत हवे जन सुनवाई-
करवा के हमन किसान मन कार्यवाहीं, देखों भाई हमर सरकार ल कम्पनी की
करत है हवे भलाई...
