आया ग्रीष्म तपी सूरज, पसीना बनकर बहेगी...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
आया ग्रीष्म तपी सूरज, पसीना बनकर बहेगी-
तपन ऐसा हुआ कि उमसने लगा शरीर-
छांव भी काटने लगा मन को किया घायल-
थक हार कर बैठ गया-
विश्व की सुन बजती पायल...
Posted on: May 03, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
छोटी सी मछली पानी में फिसली...कविता
ग्राम पंचायत-एर्राबोर, विकासखण्ड-कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से अश्विन एक कविता सुना रहे हैं :
छोटी सी मछली पानी में फिसली-
पापा ने पकड़ा, मम्मी ने काटा-
दीदी ने फ्राई किया, मोटू भईया खाया-
बड़ा मजा आया...
Posted on: May 03, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL KEWAT KONTA POEM SONG SUKAMA VICTIMS REGISTER
हे माँ भारती तेरी उतारती हूँ मै आरती...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
हे माँ भारती तेरी उतारती हूँ मै आरती-
नहीं फूल बाकी चंदन, फिर भी कर लेता हूँ बंदन-
सबकी है जननी, तेरी गोद में है पानी-
तू ही सबको देती अग्नी-
हे माँ भारती तेरी उतारती हूँ मै आरती...
Posted on: May 03, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
बड़े प्यास से मारा-मारा भटक रहा था कौआ बेचारा...बाल कविता-
ग्राम पंचायत-एर्राबोर, विकासखण्ड-कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से अनुष्का एक बाल कविता सुना रही हैं :
बड़े प्यास से मारा-मारा भटक रहा था-
कौआ बेचारा-
नगर-नगर में पानी ढूंड न पाया-
सासा एक घड़ा जो देखा-
पर पानी था थोड़ा उसमे-
कंकड़-कंकड़ चुनकर कौआ लगा फेकने बीच घड़े...
Posted on: May 03, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL KEWAT KONTA POEM SONG SUKAMA VICTIMS REGISTER
गोड समुदाय के लोग हर साल मिलकर अपने देवताओं की पूजा करते हैं-
उटनूर, जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से अरका मानिकराव बता रहे हैं| वहां पर इंद्रा गली में जो इंद्राई देवता का स्थान है| वह एक धार्मिक स्थल हैं| उस जगह पर पुरे गोड समुदाय के लोग एक खास महीने में इकठ्ठा होते हैं| वे सभी हर साल मिलकर उस स्थान पर अपने देवताओं की पूजा करते हैं| तेल चढ़ाते हैं| इस तरह से वे अपने परंपरा को लम्बे समय से बनाये हुये हैं| यह उनका पारंपरिक त्योहार है|
