हे माँ भारती तेरी उतारती हूँ मै आरती...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
हे माँ भारती तेरी उतारती हूँ मै आरती-
नहीं फूल बाकी चंदन, फिर भी कर लेता हूँ बंदन-
सबकी है जननी, तेरी गोद में है पानी-
तू ही सबको देती अग्नी-
हे माँ भारती तेरी उतारती हूँ मै आरती...
