भीलों में यहां बहुत भुखमरी है, मैं घर-घर भोजन का सामान देकर सेवा करता हूँ, मुझे अच्छा लगता है...
ग्राम-अमरपुरा, भद्रसर (राजस्थान) से खेमराज बता रहे हैं कि इस गाँव में भील आदिवासियों की बहुत बड़ी संख्या है जिनमें से ज्यादातर लोग गरीब है उन्होंने ऐसे घरो की तलाश की जिनके पास खाने की दिक्कत है, खेती के लिए भूमि नही, पशु नही और उन परिवारों को प्रति महीने में खाने का सामान देने का काम शुरु किया| आज दो महिलओं के घर में भोजन की सामग्री पहुचाया जिनमे से दोनों के पति गुजर गए हैं और एक का बेटा विकलांग है और कोई काम नहीं करता, उसकी बहू छोड़कर चली गयी है, उसको हज़ार रू का सामान दिया तो उसने बहुत आशीर्वाद दिया और कहा थोड़ा और जीऊँगी। इस प्रकार से ये गरीबो की सेवा करते है और अपने इस काम से वे बहुत खुश है कि उनके माध्यम किसी की भलाई हो पा रही है| खेमराज@9460057394.
Posted on: Sep 02, 2018. Tags: KHEMRAJ CHAUDHARI RAJASTHAN SONG VICTIMS REGISTER
गरीब मीलों पैदल चलता है भोजन पाने के लिए,अमीर मीलों चलता है उसे पचाने के लिए...कविता
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक कविता सुना रहे हैं :
किसी के पास खाने के लिए-
एक वक्त की रोटी नही-
किसी के पास एक रोटी खाने के लिए वक्त नही-
कोई अपनों के लिए, अपनी रोटी छोड़ देता हैं-
कोई रोटी के लिए अपनों को छोड़ देता है-
दौलत बचाने के लिए सेहत खो देता हैं...
Posted on: Sep 02, 2018. Tags: CG DURGESH PATEL POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
छत्तीसगढ़ का 26 वां जिला सबले बढ़िया सबले सुंदर, बलरामपुर बलरामपुर...
ग्राम-मिंधारी, पोस्ट-करमडिहा,तहसील-वाड्रफनगर, थाना-बंसतपुर,जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़)से अंजनी नेटी बलरामपुर जिला के उपर एक गीत सुना रही है:
छत्तीसगढ़ कर 26 वां जिला सबसे सुंदर-
सबले बढ़िया बलरामपुर बलरामपुर-
ऊँचा-ऊँचा पहाड़ पर्वत बड़ा ही घन घोर-
हाथी भालू चिरैय चिरगुन करैय बड़ी शोर – हरा- भरा खेत बारी मोहेला मन मोर-
जहाँ घुम के परदेशी डाले ना डेरा...
Posted on: Sep 02, 2018. Tags: ANJANI NETI BALRAMPUR CG SONG SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना...कविता
ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से प्राथमिक विद्यालय की छात्रा श्वेता मरकाम एक कविता सुना रही हैं:
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना-
तरु की झुकी डालियों से नित सीखो शीश झुकाना-
सीख हवा के झोंकों से लो कोमल भाव बहाना-
दूध तथा पानी से सीखो मिलना और मिलाना-
सूरज की किरणों से सीखो जगना और जगाना-
लता और पेड़ों से सीखो सबको गले लगाना-
मछली से सीखो स्वदेश के लिए तड़पकर मरना-
पतझड़ के पेड़ों से सीखो दुख में धीरज धरना...
Posted on: Sep 01, 2018. Tags: CG KABIRDHAM POEM SHVETA MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
Impact: Started getting pension for disabled people after CGnet report, thanks...
ग्राम-धवाटाड़, ब्लॉक-जरीडीह, जिला-बोकारो (झारखण्ड) से शिवनारायण महतो बता रहे हैं, कि उनके गाँव के कल्पना कुमारी को पहले विकलांगता पेंशन मिल रहा था, पर फरवरी 2016 से उनको विकलंगता पेंशन मिलना बंद हो गया, जिससे उन्हें बहुत आर्थिक परेशानी हो रही थी, उन्होंने इसका शिकायत कई बार पिछले दो सालों में अधिकारियों को दिया पर कोई फायदा नही हुआ, तो ये साथी सीजीनेट में मई 2018 को अपना संदेश रिकॉर्ड किया और अगस्त 2018 को उनके खाते में पेंशन राशि आना चालू हो गया है जिससे वे बहुत खुश हैं और अब वे सीजीनेट और जिला अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं, वे कह रहे हैं कि आप सभी कृपया गरीबों की ऐसे ही मदद करते रहें: शिवनारायण महतो@9939727689.


