फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना...कविता

ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से प्राथमिक विद्यालय की छात्रा श्वेता मरकाम एक कविता सुना रही हैं:
फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना-
तरु की झुकी डालियों से नित सीखो शीश झुकाना-
सीख हवा के झोंकों से लो कोमल भाव बहाना-
दूध तथा पानी से सीखो मिलना और मिलाना-
सूरज की किरणों से सीखो जगना और जगाना-
लता और पेड़ों से सीखो सबको गले लगाना-
मछली से सीखो स्वदेश के लिए तड़पकर मरना-
पतझड़ के पेड़ों से सीखो दुख में धीरज धरना...

Posted on: Sep 01, 2018. Tags: CG KABIRDHAM POEM SHVETA MARKAM SONG VICTIMS REGISTER