किसान है तो जान है...कहानी-
जिला-राजनादगांव (छत्तीसगढ़ )से विरेन्द्र गंधर्व आज की शुभ दिन के बारे में बता रहे है, आज किसान दिवस है, किसान दिवस के अवसर पर मै यही कहुगा की किसान है तो जान है ,किसान है तो जवान है ,किसान है तो साहब बाबु की जान है तो देश की आन है भान है शान है, और आज ही नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की जयती है तो या पर मै कहुगा उनकी शान देखते ही बनती है, विदेशो में रहेने वाले भारतीयों को किया था इकत्रित उनके दल में महिला भी थी सैनिक, आजादी का दिन जब आया पास पता नहीं क्या हुआ काश उनका जीवन आज भी रहस्य है कुछ तो हुआ अवश्य है|(183115)GM
Posted on: Dec 23, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER
वोश कि एक बूंद से होती है बेटियां...कविता-
जिला-बड़वानी, (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार कविता सुना रहे है:
वोश कि एक बूंद से होती है बेटियां-
इस पर सकुरधरा हों तो रोती है बेटिया-
रोशन करेगा बेटा तो बस एक ही कुल को-
दो-दो कुलो की लाज को डोती है बेटिया-
हिरा है अगर बेटा तो मोती है बेटिया-
ओरों के लिए फुल ही बोती है बेटिया...(182067)GT
Posted on: Dec 23, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
बघवा में चढ़ के आबे वो...भक्ति गीत-
महेश कुमार सिदार ग्राम-कुमरता, तहसील-धर्मजयगढ़, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से एक भक्ति गीत सुना रहें है:
बघवा में चढ़ के आबे वो-
दुर्गा दुलौरिन दाई-
सत युग मा तय सती
कहाबे शिव शंकर के नारी-
शिव शंकर के नारी हो मैया-
बघवा में चढ़ के आबे वो...(183113) GT
Posted on: Dec 23, 2020. Tags: BHAKTI SONG SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : गुल्म रोग का घरेलू उपचार...
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल गुल्म रोग का घरेलू उपचार बता रहें है, मट्ठा अजवाइन का चूर्ण गिरियाँ संचार थोडा सा नमक इसको मिलाकर सेवन करने से लाभ हो सकता है, गुल्म से पीड़ित रोगी को मूल मूत्र अधवायु रुकने पर, प्रयोग-बच, हरण, हिंग, अमल बेठ, जवाखार, अजवाइन, सेंधा नमक, सामान प्रत्येक मात्रा में लेकर सुरक्षित रखे और गर्म जल के साथ सेवन करने से जड़ से गुल्म खत्म हो सकता है, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: संपर्क नंबर@9826040015. (183109) GT.
Posted on: Dec 23, 2020. Tags: HEALTH DEPARTMENT SONG VICTIMS REGISTER
लक्ष्मीबाई गोबर बचें दौलत मांगे भीख...कहानी-
जिला-रायगढ ,(छत्तीसगढ़) से महेश कुमार सिदार कहानी सुना रहे है:
एक गाँव में एक गरीब परिवार रहते थे |उसमे दो एक ममी और बेटा रहते थे बेटा का नाम टेकवा टेकवा कहके पुकारा जाता था तो उसका बेटा ने उसकी ममी को बोला ममी मेरे लिए रोटी सब्जी दल बना देना मै नाम खोजने जाउंगा | उसकी मामी ने सुबह उठ कर उसके लिए खाना तैयार कर दी और टेकवा नाम खोजने चला गया |नाम खोजते खोजते चला गया और एक गाँव में पहुचा तो एक महाराज स्वामी मिल गए |महाराज को बोलता है सुनिए महाराज सुनिए महाराज जी महाराज आपका क्या नाम है मेरा नाम दौलत आप क्या करते है महाराज मै भीख मांगता हूँ| यह भी नहीं बना आगे चलते चलते एक लड़की को मिलती है उसके बाद टेकवा उससे पूछता है आपका क्या नाम है? मेरा नाम लक्ष्मीबाई है क्या करते है ? गोबर बचता हूँ |उसके बाद चला जाता है एक गांव मे जहा सब लोग इकट्टा बैठे रहते है तो टेकवा उनको पूछता है,क्या हो गया आप लोग यह सुनसान क्यों बैठे हो तो उन लोग बोलते है अमर सिंह नाम का एक व्यक्ति रहता था वो यह पर मर गया है फिर वापस घर चला जाता है तो मामी कहती है बेटा तू नाम डूड़ने गया नाम मिला कि नहीं ? नाम तो डूड़ने गया लेकिन नाम नहीं मिला |मै लक्ष्मीबाई गोबर बचें दौलत मांगे भीख |अमर सिंह मर गए |
ID (183107)GM
