वोश कि एक बूंद से होती है बेटियां...कविता-
जिला-बड़वानी, (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार कविता सुना रहे है:
वोश कि एक बूंद से होती है बेटियां-
इस पर सकुरधरा हों तो रोती है बेटिया-
रोशन करेगा बेटा तो बस एक ही कुल को-
दो-दो कुलो की लाज को डोती है बेटिया-
हिरा है अगर बेटा तो मोती है बेटिया-
ओरों के लिए फुल ही बोती है बेटिया...(182067)GT
