लक्ष्मीबाई गोबर बचें दौलत मांगे भीख...कहानी-

जिला-रायगढ ,(छत्तीसगढ़) से महेश कुमार सिदार कहानी सुना रहे है:
एक गाँव में एक गरीब परिवार रहते थे |उसमे दो एक ममी और बेटा रहते थे बेटा का नाम टेकवा टेकवा कहके पुकारा जाता था तो उसका बेटा ने उसकी ममी को बोला ममी मेरे लिए रोटी सब्जी दल बना देना मै नाम खोजने जाउंगा | उसकी मामी ने सुबह उठ कर उसके लिए खाना तैयार कर दी और टेकवा नाम खोजने चला गया |नाम खोजते खोजते चला गया और एक गाँव में पहुचा तो एक महाराज स्वामी मिल गए |महाराज को बोलता है सुनिए महाराज सुनिए महाराज जी महाराज आपका क्या नाम है मेरा नाम दौलत आप क्या करते है महाराज मै भीख मांगता हूँ| यह भी नहीं बना आगे चलते चलते एक लड़की को मिलती है उसके बाद टेकवा उससे पूछता है आपका क्या नाम है? मेरा नाम लक्ष्मीबाई है क्या करते है ? गोबर बचता हूँ |उसके बाद चला जाता है एक गांव मे जहा सब लोग इकट्टा बैठे रहते है तो टेकवा उनको पूछता है,क्या हो गया आप लोग यह सुनसान क्यों बैठे हो तो उन लोग बोलते है अमर सिंह नाम का एक व्यक्ति रहता था वो यह पर मर गया है फिर वापस घर चला जाता है तो मामी कहती है बेटा तू नाम डूड़ने गया नाम मिला कि नहीं ? नाम तो डूड़ने गया लेकिन नाम नहीं मिला |मै लक्ष्मीबाई गोबर बचें दौलत मांगे भीख |अमर सिंह मर गए |
ID (183107)GM

Posted on: Dec 23, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER