कंजूस बनिया की कहानी...
एक कंजूस बनिया था जो गरीबों का पैसे को लूट कर अपनी तिजोरी भरता था कभी भी उसने दान पुन्य नहीं किया था जब उसकी मौत हुयी तब भी उसने कंजूसी की. मरते समय उसने एक बूढ़ी गाय को ब्राम्हण को दान में दिया और उसी समय बनिए की मृत्यु हो गयी गाय ब्राम्हण के घर पहुचते ही मर गयी यमराज के पास पहुचते ही बनिया को कहा गया कि इसने कभी भी पुन्य का काम नहीं किया इसलिए इसे नरक में डाल देना चाहिए लेकिन इसने एक गाय का दान किया था इसलिए एक दिन के लिए इसे स्वर्ग में रखा जा सकता है, इसलिए यमराज ने पूछा कि तुम सबसे पहले कहाँ जाना चाहते हो बनिए ने कहा स्वर्ग में और यमराज ने कहा कि एक दिन के लिए गाय से कुछ भी कहोगे वो करेगी बनिए ने कहा इस यमराज को मारो वो गाय को मारने दौड़ी गाय यमराज को दौडाते हुए सबसे पहले शंकर जी के पास गयी ,शंकर जी भी भागने लगे और भागते भागते ब्रम्हा जी के पास पहुचे गाय को अपने पास आते देख वो भी भागने लगे भागते-भागते विष्णु जी के पास पहुच गयी इतने में ही बनिए की शक्ति क्षीण हो गयी तब यमराज ने कहा इसे नरक में डाल दो नरक में डालते इसके पहले ही तीनो देवों ने कहा कि हमारे दर्शन करने के बाद कोई भी नरक में नहीं जा सकता है इसलिए उस कंजूस बनिए को स्वर्ग में रख दिया गया | उषा सिंह उईके@7909655194
Posted on: Jun 10, 2017. Tags: SONG USHA SINGH UIKEY VICTIMS REGISTER
स्टेट बैंक 10 बजे खुलता है और कर्मचारी 11 बजे लंच करने चले जाते हैं फिर 3 बजे वापस आते हैं...
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया बता रहे हैं कि ग्राम चंदोरा में स्टेट बैंक है जिसमे बहुत सारे गावं जुझावल, टूटीझरिया, बुडूपानी आदि बहुत दूर-दूर से लोग लेन-देन करने आते हैं जिसमे मनरेगा और अन्य मजदूरी का पैसा भी पड़ा होता है लेकिन बैंक 10 बजे खुलता है और कर्मचारी 11 बजे भोजन अवकाश के बहाने चले जाते है और तीन बजे वापस आते हैं जिससे लोगो को बहुत परेशानी हो रही है इसलिए वे सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि कृपया इन अधिकारियों को फोन कर ग्रामीणों की मदद करें SDM@09424166557, बैंक संचालक@09406129250, 9926956546. कैलाश पोया@9753553881.
Posted on: Jun 09, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
हाय रे हाय बचावा दादा रे बचावा दी हो...पारम्परिक गीत
ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुखसागर के साथ में उनके सहयोगी साथी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक पारम्परिक गीत सुना रहे हैं :
हाय रे हाय बचावा दादा रे बचावा दी हो-
अपन जनम भुइयां बचावा दादा रे-
गोडवाना भुइयां बचावा दादा रे-
घर ला छोड़ावे हमर गावं ला छोड़ावे-
जहाँ खेती हॉवे वहां पावरप्लांट लगाते-
न तो पईहा जगह खोजे न तो पईहा ठाउर
झोला भर-भर पईसा न तो पईहा दार न तो पईहा ठाउर-
हाय रे हाय बचावा दादा रे बचावा दी हो...
Posted on: Jun 07, 2017. Tags: SONG SUKHSAGAR SINGH PAWLE VICTIMS REGISTER
बेहद चन्दा गन्दा है, लड़का सचमुच गन्दा...बाल कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया कविता सुना रहे हैं :
बेहद चन्दा गन्दा है,लड़का सचमुच गन्दा-
हँसता है तो ऐसे जैसे आसमान का चंदा है-
रोता है तो ऐसे जैसे और नहीं कुछ धंधा है-
चुप करने की हर कोशिश पर देता फेर वो रमदा है-
वैसे तो आजकल सभी का वक्त चल रहा मंदा है-
इसके कारण नाना जी का चौपट सारा धंधा है...
Posted on: Jun 07, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
क क रे आवहे रे, तील चोह बुकारा काह करा आवहे रे...दमकच गीत
ग्राम-देवरी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छतीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया सरगुजिहा भाषा में एक दमकच गीत सुना रहे है :
क क रे आवहे रे, तील चोह बुकारा काह करा आवहे रे-
तील चोह बुकारा कहा, कहा आवो रे संगी आवो रे बारा-
माहेर माहेल ऐ जारे चोला, आवले बाराती नी रे आवले बारात-
क क रे आवहे रे, तील चोह बुकारा काह करा आवहे रे...

