क क रे आवहे रे, तील चोह बुकारा काह करा आवहे रे...दमकच गीत
ग्राम-देवरी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छतीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया सरगुजिहा भाषा में एक दमकच गीत सुना रहे है :
क क रे आवहे रे, तील चोह बुकारा काह करा आवहे रे-
तील चोह बुकारा कहा, कहा आवो रे संगी आवो रे बारा-
माहेर माहेल ऐ जारे चोला, आवले बाराती नी रे आवले बारात-
क क रे आवहे रे, तील चोह बुकारा काह करा आवहे रे...
