हाय रे हाय बचावा दादा रे बचावा दी हो...पारम्परिक गीत
ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुखसागर के साथ में उनके सहयोगी साथी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक पारम्परिक गीत सुना रहे हैं :
हाय रे हाय बचावा दादा रे बचावा दी हो-
अपन जनम भुइयां बचावा दादा रे-
गोडवाना भुइयां बचावा दादा रे-
घर ला छोड़ावे हमर गावं ला छोड़ावे-
जहाँ खेती हॉवे वहां पावरप्लांट लगाते-
न तो पईहा जगह खोजे न तो पईहा ठाउर
झोला भर-भर पईसा न तो पईहा दार न तो पईहा ठाउर-
हाय रे हाय बचावा दादा रे बचावा दी हो...

